By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
नयी दिल्ली, चार अगस्त बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) और सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट) की यूनिट के बदले डिपॉजिटरी रसीद (डीआर) जारी करने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया है। इसका उद्देश्य विदेशी निवेशकों के लिए निवेश के विकल्प बढ़ाना और विदेशी पूंजी आकर्षित करना है। डिपॉजिटरी रसीद किसी भारतीय कंपनी या निवेश ट्रस्ट की प्रतिभूति में विदेशी निवेश का एक माध्यम है।
हालांकि, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निजी रूप से सूचीबद्ध इनविट को इस रूपरेखा के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव किया है। अपने परामर्श पत्र में नियामक ने कहा कि रीट और इनविट की यूनिट के लिए डीआर जारी करने की रूपरेखा उन्हें अनुमति प्राप्त क्षेत्रों में डिपाजिटरी रसीद जारी करने में सक्षम बनाएगा, जिससे विदेशी निवेशकों को निवेश का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। सेबी ने कहा, ‘‘यह विदेशी निवेशकों के लिए लाभकारी होगा, क्योंकि डीआर उन्हें अनुमति प्राप्त अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विदेशी मुद्रा में कारोबार की सुविधा प्रदान करते हैं।
इससे रीट और इनविट में विदेशी पूंजी आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।’’ फिलहाल रीट और इनविट की यूनिट भारतीय रुपये में मूल्यांकित होती हैं और भारत में मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होती हैं। ये ट्रस्ट भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अधीन विदेशी निवेशकों को यूनिट जारी कर सकते हैं। सेबी ने कहा कि रीट और इनविट की यूनिट डिपॉजिटरी रसीद योजना, 2014 के तहत ‘अनुमति प्राप्त प्रतिभूतियों’ की श्रेणी में आती हैं।
इसके अलावा, विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) नियम, 2019 के तहत भारत से बाहर रहने वाले व्यक्तियों को रीट और इनविट यूनिट में निवेश की अनुमति है। इस तरह मौजूदा डीआर योजना और विदेशी निवेश नियम रीट और इनविट यूनिट के बदले डीआर जारी करने की अनुमति देते हैं। हालांकि, वर्तमान में सेबी के रीट और इनविट नियमों के तहत ऐसी व्यवस्था के लिए कोई प्रावधान या रूपरेखा मौजूद नहीं है।
इस अंतर को दूर करने के लिए सेबी ने रीट विनियमन और इनविट विनियमन में ऐसे प्रावधान जोड़ने का प्रस्ताव किया है। इससे रीट और सार्वजनिक रूप से पेश किए गए इनविट की यूनिट के बदले डीआर जारी किए जा सकेंगे। इसके लिए नियामक द्वारा तय नियमों और शर्तों का पालन करना होगा।
सेबी ने इन प्रस्तावों पर 25 अगस्त तक आम लोगों से सुझाव मांगे हैं।