By Ankit Jaiswal | May 22, 2026
ऊर्जा बचत और खर्चों में कमी लाने की दिशा में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने बड़ा कदम उठाया है। मौजूद जानकारी के अनुसार सेबी ने अपने कुछ कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन घर से काम करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही यात्रा और आतिथ्य से जुड़े कई आंतरिक कार्यक्रमों को भी अगले आठ सप्ताह के लिए टाल दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत ग्रेड ए से ग्रेड सी तक के अधिकारी यानी सहायक प्रबंधक, प्रबंधक और सहायक महाप्रबंधक अब रोटेशन के आधार पर सप्ताह में एक दिन घर से काम कर सकेंगे। हालांकि ग्रेड डी और उससे ऊपर के अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा। इसमें उप महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी और उससे वरिष्ठ कर्मचारी शामिल हैं।
गौरतलब है कि सेबी ने सभी विभाग प्रमुखों, क्षेत्रीय निदेशकों और मुख्य महाप्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे ऐसा रोस्टर तैयार करें जिससे किसी भी समय कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय में मौजूद रहें।
मौजूद जानकारी के अनुसार घर से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अलग से दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। कर्मचारियों को गोपनीय जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और डाटा सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है। विभाग प्रमुख जरूरत के हिसाब से काम और समय सीमा तय कर सकेंगे।
इसके अलावा सेबी ने अगले आठ हफ्तों तक गैर-जरूरी आंतरिक कार्यक्रम, विचार मंथन बैठकें, सम्मेलन और इसी तरह के अन्य आयोजनों को स्थगित करने का फैसला लिया है। हालांकि पहले से तय कार्यक्रम जरूरत पड़ने पर जारी रह सकते हैं।
ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन, साझा वाहन व्यवस्था, इलेक्ट्रिक वाहन और सेबी की सब्सिडी वाली बस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही जहां संभव हो, बैठकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने की सलाह दी गई है ताकि यात्रा और उससे जुड़े खर्चों को कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती ऊर्जा खपत और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकारी संस्थानों द्वारा ऐसे कदम भविष्य में अन्य विभागों के लिए भी उदाहरण बन सकते हैं। फिलहाल सेबी की इस नई व्यवस्था पर सभी की नजर बनी हुई हैं।