By अभिनय आकाश | Feb 03, 2022
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच क्या कोई गुप्त गठबंधन है? ये सवाल इन दिनों यूपी की सियासी फिजाओं में खूब चर्चा में है। जिसके पीछे की वजह है कांग्रेस द्वारा समाजवादी पार्टी के दो दिग्गज नेताओं का वॉकओवर दिया जाना। कांग्रेस ने जसवंतनगर सीट से अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है। इस सीट से अखिलेश के चाचा और सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव चुनावी मैदान में हैं। जसवंतनगर सीट उनकी परंपरागत सीट है और वो यहीं से विधायक भी हैं। जबकि इसके अलावा कांग्रेस ने करहल सीट से भी उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। कांग्रेस की तरफ से पहले तो करहल से उम्मीदवार का ऐलान किया गया था लेकिन उस वक्त तक अखिलेश के यहां से चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं हुई थी। लेकिन जैसे ही सपा की तरफ से अखिलेश यादव के यूपी के करहल सीट से उतरने की बात सामने आई कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार को पर्चा भरने से मना कर दिया।
बेशक कांग्रेस ने दो सीटों पर समाजवादी पार्टी के समर्थन में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 113 सीटों पर कांग्रेस चुनावी मैदान में है। कांग्रेस का मकसद यूपी की राजनीति में बीजेपी को शिकस्त देना है। समाजवादी पार्टी का भी यही मकसद है। ऐसे में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच कोई समझौता होता है तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। कहा जा रहा है कि ये सब बस भविष्य के विकल्प तय करने के लिए है।