Ambubachi Mela 2026: कामाख्या शक्तिपीठ का सबसे बड़ा रहस्य, जानें Ambubachi Fair में क्यों बंद हो जाता है मां का दरबार

By अनन्या मिश्रा | Jun 20, 2026

भारत अपनी संस्कृति और कलाओं के साथ-साथ अपनी आध्यात्म और धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है। खासकर हिंदू धर्म में आस्था से जुड़े कई चमत्कार देखने को मिलते हैं। यहां कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपना रहस्यों के लिए जाने जाते हैं। ऐसा ही एक मंदिर पूर्वोत्तर भारत के असम में स्थित है, जो कामाख्या देवी मंदिर है और इसको एक दिव्य और चमत्कारी जगह कहा जाता है। हर साल यहां जून के महीने में आध्यात्म, आस्था और रहस्य का अनूठा संगम देखने को मिलता है। जिसको दुनिया 'अंबुबाची मेला' कहती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस बार यह मेला कब शुरू होगा और इस मेले की क्या खासियत है।

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मूर्ति की जगह पर यहां एक प्राकृतिक रूप से निर्मित शिला की पूजा होती है। जिसका आकार योनि के समान है। माना जाता है कि देवी सती के योनि का भाग यहां पर गिरा था, जिसके बाद यहां पर शक्तिपीठ बना था।

कब लगेगा अंबुबाची मेले

अंबुबाची मेला यहां पर होने वाला एक अहम पर्व है। इस मेले से प्राचीन और गहरी धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं। माना जाता है कि हर साल मेले के दौरान मां कामाख्या अपने मासिक धर्म से गुजरती हैं। इसी वजह से देवी मां को पूरा आराम दिया जाता है और मंदिर के मुख्य कपाट को तीन दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाता है।

इन तीन दिनों में मंदिर के अंदर किसी भी तरह का पूजा-पाठ, आरती या अन्य कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं होता है। वहीं चौखे दिन शुद्धिकरण अनुष्ठान करने के बाद ही मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोले जाते हैं। इस साल 22 जून 2026 से अंबुबाची मेले की शुरूआत होने जा रही है, जोकि 26 जून तक चलेगा।

बता दें कि अंबुबाची मेले से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। माना जाता है कि मंदिर का पट बंद करते समय यहां पर एक सफेद कपड़ा रखा जाता है, जोकि 3 दिन बाद मंदिर खुलने पर पूरी तरह से लाल हो जाता है। वहीं प्रसाद के रूप में भक्तों को यही 'अंगवस्त्र' यानी लाल कपड़े का टुकड़ा दिया जाता है। जिसको लोग मां कामाख्य का परम आशीर्वाद मानते हैं।

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