किसानों के विरोध प्रदर्शन के छठे दिन दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ाई गई सुरक्षा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 01, 2020

नयी दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर मंगलवार को भारी पुलिस बल तैनात रहा और विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को रोकने के लिए कंक्रीट के तथा कई स्तरों वाले अवरोधक लगाए गए हैं। भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच लगातार छठे दिन, हजारों की संख्या में किसान टिकरी और सिंघू बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, किसानों के “दिल्ली चलो” के आह्वान के मद्देनजर सीमा पर एहतियात के तौर पर वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यूपी गेट केपास गाजीपुर बॉर्डर पर सीमेंट के और कई स्तरों वाले अवरोधक लगाए गए हैं जहां शनिवार से किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आक्रोशित किसानों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश के सभी बिंदुओं को बंद करने की धमकी देने के बाद यह कदम उठाये गए हैं। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “किसानों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने विभिन्न सीमा क्षेत्रों पर चौकसी बढ़ा दी है। सभी आंतरिक और बाह्य बलों को सचेत कर दिया गया है।” टिकरी, सिंघू और गाजीपुर बॉर्डर के अलावा दिल्ली को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले किसी अन्य सीमा क्षेत्र से विरोध प्रदर्शन की खबर नहीं है। ऐहतियात के तौर पर दिल्ली गुड़गांव सीमा पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती मजबूत कर दी गई है। 

इसे भी पढ़ें: सरकार के साथ किसानों की बातचीत जारी, कृषि मंत्री बोले- विचार-विमर्श के बाद समाधान निकालेगी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों से दिल्ली के बुराड़ी मैदान पर पहुंचने की अपील करते हुए कहा था कि किसान निर्दिष्ट स्थान पर पहुंच जाएं, केंद्र सरकार उनसे बातचीत करने के लिए तैयार है। रविवार को 30 से अधिक किसान समूहों की बैठक हुई जिसमें शाह की, तीन दिसंबर की निर्धारित तिथि से पहले बातचीत करने की पेशकश ठुकराते हुए बिना शर्त बातचीत की मांग की गई थी।

प्रमुख खबरें

बार-बार Shampoo करने का झंझट खत्म, ये Summer Special हेयर मास्क देगा बड़ी राहत

Post-Poll हिंसा का डर! West Bengal में 20 June तक मुस्तैद रहेंगी CAPF की 500 कंपनियां

Raghav Chadha को Delhi HC का दो टूक: राजनीतिक आलोचना प्राइवेसी का उल्लंघन नहीं

Mamata Banerjee की सबसे बड़ी Political हार? Bhabanipur सीट ही नहीं, अपना होम वार्ड भी गंवाया