By अभिनय आकाश | May 11, 2026
भारत बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। जहां घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए कई सारे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। बीते दिनों ही त्रिपुरा के सिपाही जाला जिले में जब आधी रात को तस्करी की कोशिश की गई तो बीएसएफ ने एक्शन लिया जिसके बाद बीएसएफ और संदिग्ध घुसपैठियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें दो बांग्लादेशी तस्कर मारे गए और अब इस घटना के बाद बांग्लादेश की ओर से इस पर बड़ा बयान सामने आया है। बांग्लादेशी सरकार के वरिष्ठ सलाहकार रूहल कबीर रिज़वी ने कहा है कि बांग्लादेश भारत से दोस्ती चाहता है। लेकिन अगर बॉर्डर पर बार-बार खून बहेगा तो अच्छे रिश्ते बनाए रखना मुश्किल होगा। दरअसल ये पूरा मामला त्रिपुरा के कमाल सागर बॉर्डर आउटपोस्ट का है। जहां 8 मई की देर रात बीएसएफ की गश्ती टीम सीमा पर निगरानी कर रही थी। तभी बीएसएफ के जवानों को 10 से 15 लोगों का एक संदिग्ध समूह दिखाई देता है और ये लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय सीमा में घुसपैठ और तस्करी की कोशिश कर रहे थे। तभी बीएसएफ के जवान एक्शन में आए। पहले उन्होंने चेतावनी दी। लेकिन चेतावनी के बाद इन घुसपैठियों ने जमाने के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद स्थिति को बिगड़ता देख बीएसएफ ने फायरिंग शुरू कर दी और इस गोलीबारी में अफरातफरी मच गई और जब बाद में तलाशी ली गई तो वहां पर दो लोग गंभीर रूप से घायल मिले। जिन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और उनकी पहचान बांग्लादेशी नागरिक नवीन हुसैन और मोहम्मद मूरसालीन के रूप में हुई है।
जिसकी वजह से निगरानी करना बेहद मुश्किल हो जाता है और इसी का फायदा उठाकर अक्सर तस्करी, अवैध घुसपैठ और ड्रग नेटवर्क सक्रिय हो जाते हैं। भारतीय सुरक्षा बल बीएसएफ लगातार इन गतिविधियों पर नजर बनाए रखती है और कई बार ऐसे ऑपरेशंस को अंजाम देती है जिनमें उन घुसपैठियों को मारना पड़ता है। इस हालिया घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा और भी ज्यादा बढ़ा दी गई है। बीएसएफ और बीजीबी यानी बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के बीच फ्लैग मीटिंग हुई जिसमें मारे गए इन दोनों बांग्लादेशी तस्करों के शव को बांग्लादेश को सौंप दिया गया। वहीं भारतीय एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या सीमा के अंदर कोई लोकल नेटवर्क है जो इन घुसपैठियों की मदद कर रहा है ताकि उन पर भी कार्रवाई तेज की जा सके।