Seema Kauliraman: पीएचडी शोध से खेल में मिलती है मदद, कांस्य पदक विजेता सीमा का बयान

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 03, 2026

नयी दिल्ली, तीन अगस्त राष्ट्रमंडल खेलों की महिला चक्का फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा कालीरमण ने कहा कि कल्पना और सकारात्मक आत्म-चर्चा पर डॉक्टरेट के उनके शोध विषय से उन्हें खेलों में काफी मदद मिलती है और इससे वह शारीरिक और मानसिक रूप से किसी भी चुनौती के लिए तैयार रहती हैं। सीमा हरियाणा के भिवानी स्थित चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका शोध अकादमिक क्षेत्र से परे उनकी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन गया है।

हमें सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।’’ राष्ट्रमंडल खेलों में 58.65 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक जीतना सीमा के लिए एक उल्लेखनीय वापसी थी, क्योंकि वह 2025 एशियाई चैंपियनशिप में पोडियम से चूक गई थीं और केवल 16 सेंटीमीटर से चौथे स्थान पर रही थीं। सीमा ने कहा कि उनका पूरा ध्यान अब जापान में होने वाले एशियाई खेलों पर टिका है। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में अब सिर्फ एक महीना बचा है।

आराम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। मेरा पूरा ध्यान अब एशियाई खेलों पर है।

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