आर्थिक पैकेज उम्मीदों के अनुरूप नहीं होने से सेंसेक्स 886 अंक गिरा, निफ्टी 9,200 अंक से नीचे

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 14, 2020

मुंबई। प्रोत्साहन पैकेज के उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने और इसको लेकर उत्साह ठंडा रहने के साथ ही कमजोर वैश्विक रुख के बीच निवेशकों का भरोसा डगमगाने से बृहस्पतिवार को सेंसेक्स में 886 अंक की बड़ी गिरावट आ गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स एक समय दिन में कारोबार के दौरान 955 अंक तक नीचे चला गया था। हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ और अंत में यह 885.72 अंक या 2.77 प्रतिशत के नुकसान से 31,122.89 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 240.80 अंक या 2.57 प्रतिशत के नुकसान से 9,142.75 अंक पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से भी खुश नहीं है। उनका मानना है कि इस पैकेज से तत्काल सीमित राशि ही खर्च की जानी है जो कि कुल पैकेज के आकार का काफी कम है। इससे अर्थव्यवस्था में तत्काल पुनरोद्धार की गुंजाइश कम है। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)ने आगाह किया है कि शायद कोरोना वायरस कभी समाप्त नहीं होगा। इससे दुनियाभर के शेयर बाजार टूट गए। इसका असर स्थानीय बाजारों पर भी पड़ा। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टेक महिंद्रा में सबसे अधिक 5.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

इन्फोसिस, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी के शेयरों में भी गिरावट आई। वहीं दूसरी ओर हीरो मोटोकॉर्प, एलएंडटी, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और सनफार्मा के शेयरों 2.28 प्रतिशत तक चढ़ गए। इस बीच,सरकार ने अप्रैल की थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के खंडित आंकड़े जारी किए हैं। इसके अनुसार अप्रैल में प्राथमिक उत्पादों में 0.79 प्रतिशत की अपस्फीति रही। वहीं ईंधन और बिजली खंड में 10.12 प्रतिशत की अपस्फीति रही। देश में लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से ऐसी स्थिति बनी है। एचडीएफसी सिक्योरिटजी के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा कि बुधवार को घोषित आर्थिक पैकेज को लेकर उत्साह ठंडा पड़ने से भारतीय शेयर बाजारों ने पिछले सत्र में हुए समूचे लाभ को आज गंवा दिया। उन्होंने कहा कि पूंजीगत सामान और मीडिया कंपनियों के शेयर लाभ में रहे, जबकि आईटी, धातु, वित्तीय और दूरसंचार शेयरों में गिरावट आई। अब सभी की निगाह वित्त मंत्री की बृहस्पतिवार और शुक्रवार को शेष दो बची घोषणाओं पर है।

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बृहस्पतिवार को बाजार बंद होने के बाद आर्थिक पैकेज की दूसरे चरण के उपायों की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इससे प्रवासी मजूदरों,रहेड़ी पटरी लगाने वालों और छोट किसानों को लाभ होगा। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.63 प्रतिशत तक की गिरावट आई। चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहे। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नुकसान में कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पावेल ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का परिदृश्य काफी अनिश्चित बताया है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 3.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 30.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया 10 पैसे के नुकसान से 75.56 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। भारत में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 2,549 पर पहुंच गई है जबकि इससे संक्रमितों का आंकड़ा 78,003 पर पहुंच गया है। दुनियाभर में अब तक यह महामारी 2.97 लाख लोगों की जान ले चुकी है जबकि दुनियाभर में इससे संक्रमित लोगों का आंकड़ा 43.47 लाख पर पहुंच गया है।

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