By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 05, 2026
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, 5 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाज़ार की शुरुआत हरे निशान के साथ हुई। वैश्विक बाज़ारों से मिले सकारात्मक संकेतों और उम्मीद से कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा के चलते भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स—सेंसेक्स और निफ्टी—मजबूती के साथ खुले। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी न किए जाने की उम्मीदों से वैश्विक निवेशकों की धारणा को बल मिला है। 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 431.25 अंक या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 72,340.95 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 110.45 अंक बढ़कर 22,532.40 पर खुला। पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 71,909.70 पर और निफ्टी 50 22,421.95 पर बंद हुआ था। इसी तरह, शुरुआती सेशन में ब्रॉडर इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। जहां BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 148.41 अंकों की बढ़त हुई, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 56.39 अंक या 0.63 प्रतिशत बढ़कर 9,022.46 पर हरे निशान में कारोबार कर रहा था।
शुरुआती कारोबार में मार्केट ब्रेड्थ पॉज़िटिव रही, जिसमें NSE पर 1,041 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 2,043 शेयरों में बढ़त देखी गई। 107 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया? Nifty 50 के लिए शुरुआती संकेत देने वाले Gift Nifty ने आज अच्छी शुरुआत का संकेत दिया। यह पिछले बंद भाव 22,491 के मुकाबले 149 अंक बढ़कर 22,640 पर खुला। गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बिकवाली करते रहे और उन्होंने 1 अक्टूबर, 2026 को 9,484.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदारी करते रहे और उन्होंने 10,041.84 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा, "शुरुआती संकेतों में आई ज़बरदस्त बढ़त से हालिया गिरावट के बाद रिकवरी की उम्मीद जगी है, क्योंकि Nifty और Bank Nifty अहम रेजिस्टेंस ज़ोन के करीब पहुंच रहे हैं। हालांकि, FIIs की लगातार बिकवाली के कारण बाज़ार का व्यापक रुझान अभी भी कमज़ोर बना हुआ है। DIIs की मज़बूत भागीदारी और सकारात्मक वैश्विक संकेत निकट भविष्य में सहारा दे सकते हैं, लेकिन बाज़ार के मूड में सार्थक सुधार के लिए लगातार खरीदारी ज़रूरी होगी।"
आज एशियाई बाज़ार
सोमवार को एशियाई शेयरों में तेज़ी देखी गई क्योंकि निवेशकों ने उम्मीद से कमज़ोर अमेरिकी जॉब्स डेटा के बाद फेडरल रिज़र्व द्वारा आक्रामक पॉलिसी-टाइटिनिंग साइकल (ब्याज दरें बढ़ाने की प्रक्रिया) पर अपने दांव कम कर दिए। खबर लिखे जाने के समय जापान का Nikkei 225 सूचकांक 1,495.54 अंक या 2.19 प्रतिशत बढ़कर 69,805 पर था। हालांकि, हांगकांग का Hang Seng सूचकांक 68.29 अंक या 0.28 प्रतिशत नीचे था। शंघाई का SSE कंपोजिट सूचकांक 11.74 अंक या 0.31 प्रतिशत ऊपर था।