By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 11, 2021
मुंबई। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में शेयर बाजार बुधवार को लगभग स्थिर बंद हुए। धातु और ऊर्जा शेयरों की मजबूत मांग को बैंक और वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली ने बेअसर किया। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप (मझोली और छोटी कंपनियों) शेयरों के लिये निगरानी उपाय से इस खंड में भारी बिकवाली देखी गयी। हालांकि, बाद में जब शेयर बाजार ने यह साफ किया कि केवल 1,000 करोड़ रुपये से कम बाजार पूंजीकरण वाले कुछ शेयरों के लिये ही अतिरिक्त कीमत सीमा लागू होगी, उसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
हालांकि, बाद में सुधार आया और बाजार स्थिर बंद हुआ।’’ उन्होंने कहा कि छोटी कंपनियों के शेयरों के भाव में अधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर बीएसई की तरफ से किये गये उपायों से छोटी एवं मझोली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दबाव बढ़ा।हालांकि, केवल बहुत छोटी कंपनियों तक ही पाबंदियों को लेकर उपाय सीमित रहने के बारे में स्पष्टता के बाद राहत देखी गयी। नायर ने कहा, ‘‘प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में मुनाफावसूली रही।हालांकि धातु, ऊर्जा तथा बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में स्थिति इसके उलट रही।’’ रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति प्रमुख विनोद मोदी ने कहा, ‘‘अमेरिका में 1,000 अरब डॉलर के व्यय वाला बुनियादी ढांचा विधेयक सीनेट (अमेरिका का उच्च सदन) में पारित होने के बाद मांग बढ़ने की उम्मीद से धातु शेयरों पर जोर रहा। दूसरी तरफ, औषधि, वित्तीय, वाहन और उपभोक्ता सामान से जुड़े शेयरों में बिकवाली देखी गयी...।’’
एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, हांगकांग और टोक्यो लाभ में रहे जबकि सियोल में गिरावट रही।यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी का रुख रहा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 70.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर एक पैसे की हल्की गिरावट के साथ 74.44 पर लगभग स्थिर रहा। शेयर बाजार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक मंगलवार को पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे।उन्होंने 178.51 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।