By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 08, 2026
मुंबई, आठ अक्टूबर कच्चे तेल की ऊंची कीमत और बिकवाली दबाव से घरेलू शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,045 अंक का गोता लगा गया, जबकि एनएसई निफ्टी 22,230 अंक के स्तर से नीचे आ गया। कच्चे तेल के दाम में तेजी और घरेलू तथा वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के और सख्त होने की आशंका के बीच ब्याज दर से संबंधित जिंस और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नुकसान में रहा। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत का गोता लगाकर 71,593.24 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में आईटीसी, इंटरग्लोब एविएशन, पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदाणी पोर्ट्स और एनटीपीसी प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। दूसरी तरफ, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक और इन्फोसिस के शेयर बढ़त में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.25 प्रतिशत चढ़कर 104.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 6,121.37 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया। करीब चार साल में यह पहली बढ़ोतरी है।
केंद्रीय बैंक ने निकट भविष्य में दरों में कटौती की संभावना को खारिज करते हुए संकेत दिया कि बढ़ती महंगाई, कमजोर रुपये और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच आगे भी नीतिगत दर और बढ़ सकती है। रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने आम सहमति से रेपो दर बढ़ाने के पक्ष में निर्णय किया। समिति ने इसके साथ नीतिगत रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘सूझ-बूझ के साथ सख्त’ किए जाने का भी अप्रत्याशित फैसला किया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार में तेज बिकवाली का दौर जारी रहा। रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति के असर से ब्याज दर को लेकर संवेदनशील क्षेत्रों पर दबाव पड़ा। ... इसके साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली, बॉण्ड प्रतिफल का ऊंचा होना और रुपये में गिरावट ने इस दबाव को और बढ़ाया।’’ उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी कच्चे तेल की अस्थिर कीमत भी लगातार चुनौती बनी हुई है।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग उल्लेखनीय गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
सेंसेक्स बुधवार को 429.11 अंक टूटकर 72,638.70 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 173.05 अंक की गिरावट के साथ 22,603.05 अंक पर रहा था।