By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 29, 2026
हिंदू धर्म में किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए शुभ-अशुभ मुहूर्त का खास ध्यान दिया जाता है। जब भी लोग कोई शुभ कार्य करने जाते हैं, तो पहले पंचांग जरुर देखते हैं। पंचांग में अशुभ दिनों और मुहूर्त में कार्य करने से बचा जाता है, इन्हीं में पंचक शामिल है।
सितंबर 2026 में पंचक से जुड़ी तारीखें?
हिंदू पंचांग के अनुसार, सितंबर 2026 में दो बार पंचक का संयोग बन रहा है। पहला पंचक अगस्त के अंतिम दिनों में शुरू होकर सितंबर की शुरुआत तक रहेगा। इसकी अवधि 27 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक मानी जा रही है। वहीं, महीने का दूसरा पंचक 23 सितंबर से आरंभ होगा और 28 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान पंचक से जुड़े शुभ-अशुभ नियमों और धार्मिक मान्यताओं का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
ज्योतिष में बुधवार या गुरुवार से शुरु होने वाले पंचक को उपयुक्त (रोग, राज, अग्नि, चोर और मृत्यु) इनमें से किसी में नहीं आते हैं। इन्हें सामान्य पंचक कहा जाता है, इस पर किसी वार या दोष का नाम नहीं पड़ता है।
पंचक में किन कामों को करने से बचना चाहिए?
- पंचक के समय भूलकर भी घर में लकड़ी और इससे बने सामान, घास आदि खरीदना दोष माना जाता है।
- पंचक के दौरान चारपाई को बुनना या फिर उसको खोलना या फिर से बांधना सही नहीं होता है।
- इस दौरान छत डलवाने का कार्य भी नहीं किया जा सकता है।
- माना जाता है कि पंचक के समय दक्षिण दिशा की तरफ यात्रा करना अशुभ होता है। क्योंकि यह दिशा यम की है।
- अगर पंचक के समय किसी की मृत्यु हो जाए, तो उसका अंतिम संस्कार सामान्य से करने के बजाय पंचक शांति के साथ करना चाहिए। पंचक शांति के लिए 5 पुतले बनाकर अंतिम संस्कार किया जाता है।