By अभिनय आकाश | Apr 03, 2026
भारत और रूस के बीच कुछ ना कुछ तो बहुत बड़ा चल रहा है। हमने आपको खबर बताई थी कि पुतिन के सबसे करीबी नेता और रूस के फर्स्ट डेपटी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंटूरोव भारत के दौरे पर हैं। व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, फर्टिलाइज़र्स, कनेक्टिविटी सभी को लेकर बातचीत चल रही है। लेकिन मामला तब दिलचस्प हुआ जब डेनिस मॉनटोरोव पीएम मोदी और भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल से मिलने पहुंच गए। पीएम मोदी ने डेनिस मॉनटोरोव को जो कहा वह शायद आज तक किसी नेता से नहीं कहा। दरअसल कई लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि भारत पाकिस्तान पर एक्शन लेगा। पीओके में कुछ ऑपरेशन करेगा। इसीलिए शायद रूस का एक डेलीगेशन भारत से मिलने आया है। लेकिन डिप्लोमेसी में ऐसा नहीं होता।
यानी बेचने वाला जो चीज बेचना चाहता है, खरीदने वाले को वह चीज नहीं चाहिए। इस वक्त दुनिया को कच्चे तेल से ज्यादा कच्चे तेल से तैयार होने वाला पेट्रोल और डीजल चाहिए। रूस मौजूदा स्थिति में कच्चे तेल से तैयार होने वाला पेट्रोल और डीजल नहीं बेच पा रहा है। इसकी पहली वजह यह है कि रूस के पास इतनी जल्दी और इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल बनाने के साधन नहीं है। दूसरा यह कि यूक्रेन ने रूस की ऑयल रिफाइनरीज पर हमले कर दिए हैं। ऐसे में रूस ने भारत को अनलिमिटेड क्रूड ऑयल बेचने का ऑफर दिया है। बता दें कि भारत वो इकलौता देश है जिसके पास किसी भी प्रकार के कच्चे तेल को तुरंत और बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल में बदलने की टेक्नोलॉजी है। भारत रूस का तेल भी प्रोसेस कर सकता है और वेनेजुएला का भी।
इसीलिए पैसा कमाने के लिए रूस चाहता है कि भारत उसके कच्चे तेल को प्रोसेस करें और उससे बनने वाले फिनिश्ड प्रोडक्ट्स को अफ्रीका, यूरोप और चीन तक को बेच दे। बहरहाल अब रूस को भारत से कुछ चाहिए तो भारत ने भी कुछ ना कुछ मांगा होगा। यहीं पर एंट्री होती है एनएसए अजीत डोवाल की। सीढ़ियों से नीचे उतर रहे रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मोंटरोव अपने अधिकारियों के साथ एनएसए अजीत डोबाल से मिलने पहुंच गए। सबसे दिलचस्प बात यह है कि रूस के डेपुटी प्राइम मिनिस्टर बेसब्री से अजीत डोबाल का इंतजार करते दिखे। आम बोलचाल की भाषा में कहें तो 83 साल के भारतीय धुरंधर की मुस्कुराहट बता रही है कि यहां पर किसी ना किसी की तो फील्डिंग सेट हो रही है। आपको याद होगा कि कुछ दिन पहले भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक अमेरिकी एजेंट मैथ्यु वेंडाइक था और बाकी के छह यूक्रेनी एजेंट्स थे। भारत इसी से जुड़ी कई और डिटेल्स रूस से मांग रहा है।