By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 22, 2026
‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) ने शुक्रवार को कहा कि संगठन अगले तीन महीनों के दौरान देशभर में अपने ‘स्कूल बचाओ आंदोलन’ को तेज करेगा। संगठन ने सरकारी विद्यालयों की बिगड़ती स्थिति का मुद्दा उठाते हुए स्कूल शिक्षा में सरकार के अधिक निवेश की मांग की। एसएफआई ने दिल्ली के एचकेएस सुरजीत भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की।
संगठन के अनुसार, इस अवधि में सरकारी विद्यालयों में 85.86 लाख छात्रों की संख्या कम हुई, जबकि निजी स्कूलों में 88.27 लाख छात्रों की संख्या बढ़ी। एसएफआई के अनुसार, देश में 1,00,843 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक शिक्षक है और इनमें करीब 29 लाख छात्र पढ़ते हैं। संगठन ने कहा कि देशभर के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है।
संगठन ने सरकार से शिक्षा पर सार्वजनिक खर्च बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का छह प्रतिशत करने और सालाना बजट का 10 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित करने की मांग की। एसएफआई ने स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की भी मांग की। एसएफआई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को वापस लेने की भी मांग की।
संगठन का आरोप है कि यह नीति सरकारी स्कूलों को बंद करने और उनका विलय करने को बढ़ावा देती है।