अखिलेश पर शाही का पलटवार: कहा, सैफई महोत्सव पर पैसा बहाने वाले ना करें किसानों की बात

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 29, 2018

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा आयोजित कृषि कुंभ पर निशाना साध रही समाजवादी पार्टी पर पलटवार करते हुए राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रविवार को कहा कि सैफई महोत्सव पर जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपए खर्च करने वाले लोग आज किस हैसियत से किसानों के हितों की बात कर रहे हैं।

अखिलेश ने एक ट्वीट कर कहा कि "जहां एक और योगी सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है वहीं वह कृषि कुंभ के आयोजन का ढोंग कर रही है। यह कैसा कुंभ है जहां किसानों को अमृत के बजाय विष दिया जा रहा है इसकी वजह से वे अपनी जान गंवा रहे हैं। ऐसी नाटकबाजी करने से बेहतर है कि भाजपा किसानों को उनकी कड़ी मेहनत का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराएं।" इस बीच, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि अपने शासनकाल में जिन लोगों ने सैफई महोत्सव के दौरान नृत्य और गायन कार्यक्रम में जनता की खून-पसीने की कमाई के करोड़ों रुपए लुटा दिए वह आज किस हैसियत से किसानों के हितों की बात कर रहे हैं।

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शाही ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि वह अखिलेश को याद दिलाना चाहते हैं कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 7 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी वहीं प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार ने पिछले साल 37 लाख मीट्रिक टन और इस साल 53 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। आंकड़े ही यह बताने के लिए काफी हैं कि किसानों का हितैषी दरअसल कौन है। शाही ने बातचीत में कहा कि कृषि कुंभ उत्तर प्रदेश में आयोजित अपनी तरह का पहला आयोजन है। इस कुंभ में एक लाख से भी ज्यादा किसानों ने पंजीकरण करवाया। बड़ी संख्या में किसान अपनी दिलचस्पी के लिए खुद पैसे खर्च करके इस आयोजन में शामिल हुए और वह मुस्कुराते चेहरे के साथ इससे विदा ले रहे हैं।

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कृषि कुंभ में क्या था खास

मालूम हो कि योगी सरकार द्वारा आयोजित कृषि कुंभ का आज समापन हुआ। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, उद्यमियों, अनुसंधान संस्थानों के नुमाइंदों और नीति नियंताओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के बीच जागरूकता पैदा करना था ताकि वे नई प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल करके अपनी आय को बढ़ाएं और अपनी उपज के विपणन के लिए औद्योगिक घरानों की मदद लें।

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