By एकता | Feb 08, 2026
शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की आने वाली फिल्म 'ओ रोमियो' ने एक बड़ी कानूनी लड़ाई जीत ली है। मुंबई की एक अदालत ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। यह केस दिवंगत गैंगस्टर हुसैन उस्तरा की बेटी, सनोबर शेख ने दायर किया था, जिन्होंने दावा किया था कि यह फिल्म उनके पिता की जिंदगी पर आधारित है और इसके लिए उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई।
सनोबर शेख ने फिल्म के प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला, डायरेक्टर विशाल भारद्वाज और लेखक हुसैन जैदी के खिलाफ सिविल केस किया था। सनोबर का आरोप था कि फिल्म में उनके पिता को एक गैंगस्टर के रूप में दिखाया गया है और बिना परिवार की इजाजत के कहानी का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने मांग की थी कि फिल्म की रिलीज रोक दी जाए।
सिविल कोर्ट के जज एच सी शेंडे ने सनोबर की याचिका को खारिज करते हुए कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कोर्ट को पता चला कि सनोबर ने मुकदमा करने से पहले मेकर्स को नोटिस भेजकर 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि जब शिकायत सिर्फ पैसे से जुड़ी हो तो फिल्म की रिलीज रोकना कानूनन सही नहीं है।
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि सनोबर को फिल्म के बारे में काफी समय से पता था, लेकिन वह कोर्ट तब पहुंचीं जब फिल्म रिलीज होने वाली थी। जज ने फिल्म की प्री-स्क्रीनिंग की मांग भी ठुकरा दी। उन्होंने कहा कि यह 'न्यायिक सेंसरशिप' जैसा होगा, जिसकी इजाजत कानून नहीं देता।
मेकर्स के वकीलों का कहना है कि यह फिल्म पूरी तरह से काल्पनिक कहानी है और इसमें जरूरी डिस्क्लेमर भी दिए गए हैं। 'ओ रोमियो' एक एक्शन से भरपूर गैंगस्टर ड्रामा है, जिसमें शाहिद कपूर एक गनमैन की भूमिका निभा रहे हैं। 'हैदर' और 'कमीने' के बाद विशाल भारद्वाज के साथ शाहिद कपूर की यह तीसरी बड़ी फिल्म है।
यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालांकि, सनोबर शेख के वकीलों का कहना है कि वे अब इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।