By Ankit Jaiswal | Jul 16, 2026
वैश्विक खाद्य डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच उबर ने अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने जर्मनी की प्रमुख खाद्य वितरण कंपनी डिलिवरी हीरो का 14.8 अरब डॉलर में अधिग्रहण करने की घोषणा की है। मौजूद जानकारी के अनुसार इस सौदे से उबर ईट्स की पहुंच दुनिया के 50 नए बाजारों तक हो जाएगी और कंपनी की वैश्विक मौजूदगी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।
गौरतलब है कि उबर पिछले कुछ समय से डिलिवरी हीरो में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रही थी। मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 37 प्रतिशत तक पहुंच चुकी थी। इसके बाद मई महीने में उबर ने पूरी कंपनी का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव दिया था। हाल ही में डिलिवरी हीरो ने भी स्वीकार किया था कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
इस सौदे के पूरा होने के बाद उबर ईट्स की सेवाएं कुल 99 बाजारों में उपलब्ध होंगी। कंपनी के अनुसार वर्ष 2025 के दौरान इन बाजारों में कुल 236 अरब डॉलर से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया था। वहीं जिन 50 नए बाजारों में उबर की पहुंच बनेगी, वहां पिछले वर्ष लगभग 42 अरब डॉलर का कारोबार हुआ था। ऐसे में कंपनी को अपने वैश्विक कारोबार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है।
उबर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दारा खोसरोशाही ने कहा कि इस अधिग्रहण से कंपनी परिवहन और खाद्य डिस्ट्रीब्यूशन दोनों सेवाओं का विस्तार एक साथ कर सकेगी। उनका कहना है कि बड़े स्तर पर कारोबार होने से ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और लंबे समय में निवेशकों के लिए भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार डिलिवरी हीरो अपने 14 अन्य बाजारों का कारोबार निवेश कंपनी एसएसडब्ल्यू पार्टनर्स को भी बेचेगी। इनमें ऑस्ट्रिया, नॉर्वे, स्वीडन और ग्रीस जैसे यूरोपीय देश शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पहले से ही उबर ईट्स की मौजूदगी है, इसलिए कारोबार के दोहराव से बचने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि यह प्रक्रिया तभी पूरी होगी जब डिलिवरी हीरो के अधिग्रहण का सौदा सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक खाद्य डिस्ट्रीब्यूशन बाजार तेजी से कुछ बड़ी कंपनियों के हाथों में सिमटता जा रहा है। उबर की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी डोरडैश भी पहले कई बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण कर चुकी है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्तर पर कारोबार और अधिक बाजारों में मौजूदगी भविष्य की प्रतिस्पर्धा में सबसे बड़ी ताकत साबित होगी।
इस घोषणा के बाद उबर के शेयरों में भी हल्की तेजी देखने को मिली। हालांकि वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि स्वचालित वाहन तकनीक में बढ़ते निवेश और नई प्रतिस्पर्धा को लेकर निवेशकों की चिंता बनी हुई है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी तिमाही वित्तीय नतीजों और इस बड़े अधिग्रहण की प्रगति पर टिकी हुई हैं।