By Ankit Jaiswal | Oct 09, 2026
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति और खिलाड़ियों के चयन को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन का मानना है कि गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखाई दी है। उन्होंने इसकी बड़ी वजह बल्लेबाजी क्रम में बार-बार बदलाव और खिलाड़ियों को लगातार टीम में शामिल करने या बाहर करने की रणनीति को बताया है। हालांकि, वॉटसन ने यह भी माना कि गंभीर ने कुछ खिलाड़ियों का समर्थन करके अच्छे नतीजे हासिल किए हैं।
शेन वॉटसन ने प्राइम वीडियो के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि टीम में लगातार बदलाव होने से खिलाड़ियों के लिए अपनी भूमिका समझना और एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाना मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार, जब बल्लेबाजी क्रम में बार-बार फेरबदल होता है और खिलाड़ी लगातार टीम में आते-जाते रहते हैं, तो टीम का प्रदर्शन स्थिर नहीं रह पाता है। वॉटसन का मानना है कि भारतीय टीम के हालिया उतार-चढ़ाव के पीछे यह एक बड़ी वजह है।
हालांकि, वॉटसन ने गंभीर के काम की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में गंभीर ने कई अच्छी चीजें भी जोड़ी हैं। खिलाड़ियों पर भरोसा जताना उनकी सकारात्मक रणनीतियों में से एक है। इस सिलसिले में उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का उदाहरण दिया।
वॉटसन के मुताबिक, गंभीर ने संजू सैमसन का लगातार समर्थन किया और सैमसन ने टी20 विश्व कप के अहम मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करके इस भरोसे को सही साबित किया। इससे पता चलता है कि खिलाड़ियों को अवसर देना और उन पर भरोसा बनाए रखना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि भारतीय टीम में खिलाड़ियों को लेकर बहुत ज्यादा बदलाव करने के बजाय कुछ हद तक निरंतरता बनाए रखने की जरूरत है। उनका मानना है कि अगर भारत अपनी टीम और बल्लेबाजी क्रम को स्थिर रखता है, तो उसे हराना दुनिया की किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा।
बता दें कि भारतीय टीम इस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेल रही है। इसके बाद टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर जाएगी, जहां उसे तीनों प्रारूपों में मुकाबले खेलने हैं। इस दौरे में 2 टेस्ट, 5 एकदिवसीय और 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल हैं। ऐसे में गंभीर और भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों के चयन, बल्लेबाजी क्रम और प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना अहम चुनौती होगी।