By नीरज कुमार दुबे | May 07, 2022
श्रीनगर। कश्मीर में शंकराचार्य जन्मोत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया गया। कोविड-19 से उपजी परिस्थितियों तथा अन्य कारणों के चलते श्रीनगर के ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर में तीन साल से कोई आयोजन नहीं हो सका था। इस बार शंकराचार्य जन्मोत्सव पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर आये और पूजा अर्चना की। देखा जाये तो भारतीय परंपरा में संतों का विशेष स्थान है। खासतौर पर भारत के अमर इतिहास में शंकराचार्य का स्थान अप्रतिम है। शंकराचार्य द्वारा प्रतिपादित ज्ञान व भक्ति के सिद्धांत असंख्य लोगों के लिए आज भी प्रेरणा और आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं। शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन से सभी प्रेरणा लेते हैं। शंकराचार्य ने भारत के चार कोनों में चार मठ स्थापित कर वैदिक धर्म की एकता और अखंडता के लिए स्थायी कार्य किया।