'आज चुनाव आयोग और अन्य संस्थाएं वही फैसले दे रही हैं जो सत्ताधारी सरकार चाहती है', शरद पवार का बड़ा आरोप

By अंकित सिंह | Feb 22, 2023

शिवसेना से संबंधित घटनाक्रम के बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि चुनाव आयोग ने पिछले दिनों एक फैसला दिया था। यह एक उदाहरण है कि कैसे एक संस्था का दुरुपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हमने चुनाव आयोग का ऐसा फैसला कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि इस पार्टी को बनाने वाले बालासाहेब ठाकरे ने आखिरी दिनों में कहा था कि उद्धव ठाकरे को ही शिवसेना की जिम्मेदारी दी जाएगी। लेकिन इस पार्टी को बनाने वालों में से किसी और को शिवसेना और उसका चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया। यह राजनीतिक दलों पर बड़ा हमला है। उन्होंने साफ तौर पर मोदी सरकार पर देश के संस्थाओं पर कब्जा करने का भी आरोप लगा दिया। 

इसे भी पढ़ें: Uddhav vs Shinde: शिंदे की जीत सिर्फ बड़ी ही नहीं बल्कि है असाधारण, हर गुजरते दिन के साथ उद्धव ठाकरे की राह होती जा रही मुश्किल

 

शरद पवार ने कहा कि आज चुनाव आयोग और अन्य संस्थाएं वही फैसले ले रही हैं जो सत्ताधारी सरकार चाहती है। उन्होंने कहा कि आज देश में मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। संगठन को लगता है कि सत्ता उनके हाथ में ही रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे, तब देश की संस्थाओं पर इस तरीके से हमला नहीं हुआ था। लेकिन नरेंद्र मोदी की हुकूमत में देश के संस्था पर हमला हुआ है। आज की हुकूमत दूसरे राजनीतिक दलों को काम करने नहीं देना चाहती हैं। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के साथ अपनी लड़ाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ मेरी भी लड़ाई हुई थी, पार्टी और चुनाव चिन्ह को लेकर लेकिन उस समय चुनाव आयोग ने फैसला सही दिया था। 

 

इसे भी पढ़ें: शिवसेना भवन, या उद्धव गुट से जुड़ी कोई और सम्पत्ति नहीं चाहते: Shinde faction


इससे पहले शरद पवार ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देने और उसे ‘तीर-धनुष’ चुनाव निशान आवंटित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले पर उन्होंने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है तथा वह इसको लेकर चल रहे विवाद में नहीं पड़ेंगे। शुक्रवार को निर्वाचन आयोग ने उद्धव ठाकरे धड़े को उसे आवंटित किये गये शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) नाम एवं चुनाव निशान ‘जलती मशाल’ को महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा उपचुनाव होने तक रखने की अनुमति दी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल निर्वाचन आयोग के आदेश पर रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया है। 

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Khamenei की मौत, ईरानी मीडिया ने की पुष्टि, देश में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक

खामेनेई की बेटी और पोती की मौत, ट्रंप का दावा- इतिहास का सबसे क्रूर शख्स मारा गया

T20 World Cup: जीत के बावजूद Pakistan बाहर, Net Run Rate ने तोड़ा सेमीफाइनल का सपना

रूस-लेबनान की खामनेई के समर्थन में दहाड़, भारत ने की संयम बरतने की अपील, ईरान हमले पर क्या बोली दुनिया?