Sharad Pawar Congress Merger: 27 साल बाद कांग्रेस में 'घर वापसी', शरद पवार की पार्टी के विलय पर बड़ा खुलासा!

By अभिनय आकाश | Jun 30, 2026

महाराष्ट्र की राजनीति से इस समय की सबसे बड़ी और धमाकेदार सियासी खबर सामने आ रही है। शरद पवार की पार्टी और कांग्रेस के बीच विलय को लेकर बेहद गंभीर चर्चा शुरू हो चुकी है। इस बात की आधिकारिक पुष्टि खुद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता विजय वडेट्टीवार ने की है। एनडीटीवी से खास बातचीत में विजय वडेट्टीवार ने इस संभावित विलय पर मुहर लगाते हुए कहा शरद पवार की पार्टी के कांग्रेस में विलय को लेकर हमारे केंद्रीय आलाकमान के साथ बातचीत चल रही है। जो लोग भी कांग्रेस और शरद पवार की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा में विश्वास रखते हैं, उन सभी का हमारी पार्टी में हमेशा स्वागत है।

हाल के झटकों से पार्टी चौकन्ना

ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे जैसे क्षेत्रीय नेताओं को हाल ही में राजनीतिक झटके लगे हैं। उनके सांसदों ने अपनी मूल पार्टियों को छोड़कर अलग गुट बनाने का फ़ैसला किया है और इसी माहौल में कांग्रेस के साथ संभावित विलय की चर्चा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली में शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी के कांग्रेस में विलय को लेकर वरिष्ठ नेतृत्व स्तर पर बातचीत अब अंतिम चरण में है और इसमें सकारात्मक प्रगति हुई है। सूत्रों का यह भी कहना है कि कांग्रेस लीडरशिप ने NCP (शरदचंद्र पवार) के उन विधायकों और सांसदों को हरी झंडी दे दी है जो कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक, 85 साल के शरद पवार और उनकी पार्टी के राजनीतिक भविष्य को लेकर दो अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी का एक धड़ा नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) में शामिल होने के पक्ष में है। उनका तर्क है कि पार्टी की संसदीय ताकत उसे NDA का हिस्सा बनने में मदद कर सकती है। 

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NDA बनाम कांग्रेस विलय पर आंतरिक मतभेद

इस खेमे के नेताओं का यह भी मानना ​​है कि विपक्ष में रहने के कारण राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर विकास कार्यों और अपने चुनाव क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को हल करवाना मुश्किल हो गया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार चाहते थे कि अगर NCP के दोनों गुट फिर से एक हो जाएं, तो भी NDA के साथ ही बने रहा जाए, क्योंकि वे पहले से ही इस गठबंधन का हिस्सा थे। हालांकि, उनके निधन के बाद दोनों गुटों के फिर से एक होने की संभावना कम हो गई है, लेकिन पार्टी के इस धड़े का मानना ​​है कि NDA में अलग से शामिल होने में कोई बाधा नहीं आएगी। हालांकि, पार्टी के भीतर एक दूसरा गुट कांग्रेस के साथ विलय के पक्ष में बताया जाता है।

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