By अनन्या मिश्रा | Oct 10, 2026
इस बार यानी की 11 अक्तूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू हो रहा है। मार्कंडेय पुराण के अनुसार, हर साल मां दुर्गा की सवारी अलग-अलग होती है। मां दुर्गा की सवारी से यह पता चलता है कि आने वाला समय यानी की साल कैसा रहने वाला है। बता दें कि इस बार शारदीय नवरात्रि के मौके पर मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है। हाथी पर मां दुर्गा का आगमन सुख-संपन्नता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।
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इस बार शारदीय नवरात्रि 11 अक्तूबर 2026, दिन रविवार से शुरू हो रहा है। इसलिए मां दुर्गा की सवारी हाथी बताई जा रही है।
बता दें कि नवरात्रि का पहला दिन रविवार और सोमवार को है, तो मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होता है।
अगर नवरात्रि का पहला दिन शनिवार और मंगलवार को होता है, तो मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर होता है।
वहीं नवरात्रि का पहला दिन गुरुवार या शुक्रवार को होता है, तो मां दुर्गा का आगमन पालकी होता है।
वहीं बुधवार के दिन नवरात्रि का पहला दिन होन पर मां दुर्गा का आगमन नाव पर होता है।
शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरङ्गमे
गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधेऽ नौका प्रकीर्तिता
गजे च जलदा देवी क्षत्रभङ्गस्तुरङ्गमे
नौकायां सर्वसिद्धिः स्याद् दोलायां मरणं ध्रुवम्
हिंदू धर्म के मुताबिक इस बार यानी की शारदीय नवरात्रि के मौके पर मां दुर्गा की सवारी हाथी है। जिससे देश भर में वर्षा और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
वहीं धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक घोड़े, नाव और डोली पर मां दुर्गा की सवारी को मुश्किल समय का संकेत माना जाता है।
अगर मां दुर्गा नवरात्रि में रविवार या सोमवार को प्रस्थान करती हैं, तो उनकी सवारी भैंसा होती है।
शनिवार और मंगलवार को मां दुर्गा के प्रस्थान करने पर उनकी सवारी मुर्गा होता है।
बुधवार या शुक्रवार को मां दुर्गा के प्रस्थान पर उनकी सवारी हाथी होता है।
वहीं गुरुवार को मां दुर्गा के प्रस्थान करने पर उनकी सवारी मनुष्य या नर होता है।