Share Market पर दिखेगा Crude Oil का असर, अमेरिका-ईरान तनाव से तय होगी चाल

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 16, 2026

स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों का कहना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त होने के बाद अब निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी रहेगी।

एफओएमसी की बैठक का ब्योरा 19 अगस्त को जारी होगा। यदि फेडरल रिजर्व का रुख अपेक्षा से अधिक आक्रामक दिखाई देता है, तो इससे उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी की निकासी बढ़ सकती है और भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा कि इस सप्ताह निवेशकों का ध्यान होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापक अमेरिका-ईरान तनाव पर बना रहेगा।

इसके अलावा एफओएमसी की बैठक के ब्योरे और विदेशी संस्थागत निवेशकों के प्रवाह पर भी बाजार की नजर होगी। बजाज ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) पबित्रो मुखर्जी ने कहा कि निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखेंगे। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कच्चा तेल, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, एफओएमसी की बैठक का ब्योरा और चीन के आर्थिक आंकड़े इस सप्ताह बाजार को दिशा देने वाले प्रमुख संकेतक होंगे।

इनसे वैश्विक आर्थिक वृद्धि और अमेरिकी केद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 489.92 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 204.65 अंक यानी 0.83 प्रतिशत नीचे आया।

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