By रेनू तिवारी | May 09, 2026
बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शुक्रवार को निवेशक जागरूकता और शैक्षणिक गतिविधियों (Investor Education) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सेबी ने अब शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए शेयर मूल्य डेटा साझा करने के लिए 30 दिन की एकसमान समय-सीमा (Uniform Timeline) तय कर दी है। यह नया नियम 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बाजार के रियल-टाइम डेटा के दुरुपयोग को रोकना और साथ ही शैक्षणिक सामग्री की प्रासंगिकता बनाए रखना है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि यह नयी रूपरेखा एक जुलाई से प्रभावी होगी। इसका उद्देश्य बाजार आंकड़ों के दुरुपयोग को रोकने और शैक्षणिक सामग्री को प्रासंगिक बनाए रखने के बीच संतुलन बनाना है।
सेबी ने मई, 2024 में शेयर बाजारों द्वारा ‘लाइव’ बाजार आंकड़ों के उपयोग को केवल कारोबार और उससे जुड़े कार्यों तक ही सीमित कर दिया था और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए एक दिन की देरी के साथ आंकड़ा उपयोग की अनुमति दी थी। जनवरी, 2025 में नियम को और भी सख्त करते हुए केवल शैक्षणिक गतिविधियों में लगे संस्थानों के लिए ही तीन महीने पुराने आंकड़ों के उपयोग की शर्त लागू की गई थी। मौजूदा व्यवस्था में शैक्षणिक संस्थान सामग्री तैयार करने के लिए एक दिन की देरी वाला आंकड़ा प्राप्त कर सकते थे, लेकिन कक्षाओं या अन्य माध्यमों में उपयोग के लिए तीन महीने पुराने आंकड़ें तक ही सीमित थे।
सेबी ने कहा कि आंकड़ों में एक दिन की देरी इसके दुरुपयोग की आशंका को पूरी तरह कम नहीं कर पाती थी, जबकि तीन महीने की देरी से शैक्षणिक सामग्री की प्रासंगिकता प्रभावित होती थी। इस सुझाव के आधार पर अब आंकड़ों के साझा करने और उपयोग दोनों के लिए ही 30 दिन की समान देरी तय की गई है। हालांकि, राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (एनआईएसएम) को सिमुलेशन लैब में उपयोग के लिए एक दिन की देरी के साथ बाजार मूल्य आंकड़ों तक पहुंच मिलती रहेगी।