कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में तेज बढ़त

By Ankit Jaiswal | Mar 12, 2026

शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव के बीच एक दिलचस्प रुझान देखने को मिला, जहां व्यापक बाजार में गिरावट रही लेकिन नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज खरीदारी दर्ज की गई है।

बता दें कि राष्ट्रीय शेयर बाजार में लगभग 2 हजार 409 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि करीब 1 हजार 645 शेयरों में बढ़त देखी गई है। हालांकि इस कमजोरी के बीच नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों ने बाजार के रुख के विपरीत प्रदर्शन किया है।

गौरतलब है कि सौर और पवन ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली। इस दौरान एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में लगभग 11.8 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई, जबकि सोलेक्स एनर्जी के शेयर करीब 11.9 प्रतिशत तक उछल गए हैं।

इसी तरह केपीआई ग्रीन एनर्जी के शेयरों में करीब 8.9 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि सात्विक ग्रीन एनर्जी के शेयरों में भी लगभग 3.7 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। इससे संकेत मिलता है कि सौर उपकरण और नवीकरणीय परियोजनाओं से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार अन्य कई कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती देखी गई है। सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर के शेयरों में चार प्रतिशत से अधिक की तेजी आई, जबकि एक्मी सोलर होल्डिंग्स के शेयरों में भी चार प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है। इसके अलावा इनॉक्स विंड के शेयरों में भी हल्की बढ़त देखी गई है।

गौरतलब है कि सुजलोन एनर्जी, विक्रम सोलर और भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी जैसी कंपनियों के शेयरों में भी दो से तीन प्रतिशत के बीच बढ़त दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता को माना जा रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर हमलों की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतें फिर से प्रति बैरल लगभग 100 डॉलर के आसपास पहुंच गई हैं।

बता दें कि होरमुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। इस क्षेत्र में जहाजों पर हमलों और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि जब पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की कीमतें बढ़ती हैं तो नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को अपेक्षाकृत अधिक फायदा मिलता है। तेल और गैस महंगे होने पर सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाएं आर्थिक रूप से अधिक आकर्षक बन जाती हैं।

इसके अलावा दुनिया भर की सरकारें भी स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय चिंताओं के कारण कई देश नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।

हालांकि व्यापक शेयर बाजार पर वैश्विक तनाव और महंगाई से जुड़ी चिंताओं का असर देखा गया है। कई अन्य क्षेत्रों के सूचकांक दबाव में रहे, जबकि ऊर्जा से जुड़े कुछ पारंपरिक क्षेत्रों में भी हल्की मजबूती दर्ज की गई है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में यदि कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी रहती है तो नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है।

प्रमुख खबरें

IPL 2026: वेपिंग मामले में रियान पराग पर जुर्माना, BCCI जल्द ले सकता है सख्त फैसला

10 रुपए का नोट...क्या इस कथित स्कैम की वजह से चुनाव हार जाएंगी ममता बनर्जी? बंगाल में कैसे BJP ने खेला कर दिया

Indian Rupee Crash | रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर 95.34 पर गिरा, पश्चिम एशिया संकट और क्रूड की आग ने बिगाड़ा बाजार का गणित | West Asia Crisis

Supreme Court: Pawan Khera की जमानत याचिका पर असम पुलिस का कड़ा विरोध, जालसाजी की जांच के लिए मांगी हिरासत