By अभिनय आकाश | Jan 27, 2020
देशविरोधी भड़काऊ भाषण देने वाले जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को लेकर गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है। एक तरफ जहां आज दिल्ली में रैली करते हुए शाह ने कहा कि आपने शरजील इमाम का एक वीडियो देखा होगा, जिसमें वह नॉर्थ-ईस्ट को भारत से अलग करने की बात करता है। उसने देश को बांटने की बात की।
बता दें कि शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन के दौरान शरजील इमाम के भाषण का एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस विडियो में शरजील इमाम कहता है, 'हमारे पास संगठित लोग हों तो हम असम से हिंदुस्तान को हमेशा के लिए अलग कर सकते हैं। परमानेंटली नहीं तो एक-दो महीने के लिए असम को हिंदुस्तान से कट कर ही सकते हैं। रेलवे ट्रैक पर इतना मलबा डालो कि उनको एक महीना हटाने में लगेगा...जाना हो तो जाएं एयरफोर्स से। असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। जिसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नेता शरजील इमाम की देशद्रोह के आरोप में पुलिस तलाश कर रही है, उसका राजनीति से पुराना नाता रहा है।
पिता का रहा है राजनीतिक कनेक्शन
शरजील के पिता मोहम्मद अकबर इमाम बिहार की सियासत में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। मोहम्मद अकबर इमाम को जेडीयू ने 2005 के विधानसभा चुनाव में जहानाबाद से टिकट दिया था। लेकिन 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में अकबर इमाम की हार हुई थी। शरजील इमाम के पिता का जेडीयू से कम लेकिन पार्टी में रहे जहानाबाद के पूर्व सांसद अरुण कुमार से ज्यादा नाता रहा है। अरुण कुमार जहां रहे और जिस पार्टी में रहे अकबर इमाम उन्हीं के साथ रहें।