By रेनू तिवारी | Feb 17, 2026
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सिन्हा ने याचिका दायर कर उनके नाम, छवि और उनके प्रतिष्ठित डायलॉग "खामोश!" के व्यापक ऑनलाइन दुरुपयोग को रोकने की मांग की है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी याचिका में निम्नलिखित दलीलें पेश की हैं:
संवैधानिक अधिकार: उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार और कॉपीराइट अधिनियम के तहत कलाकारों के अधिकारों का हवाला दिया है।
छवि को नुकसान: याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके प्रदर्शनों को इस तरह से संशोधित किया जा रहा है जो उनकी प्रतिष्ठा के लिए हानिकारक है।
व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक: उन्होंने मांग की है कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, तौर-तरीकों (Mannerisms), हस्ताक्षर और मशहूर मुहावरे 'खामोश' का व्यावसायिक उपयोग करने पर स्थायी रोक लगाई जाए।
हर्जाना: अभिनेता ने अपने व्यक्तित्व के दुरुपयोग से कमाए गए लाभ या ₹20 करोड़ के हर्जाने का दावा किया है।
शत्रुघ्न सिन्हा की ओर से पेश वकील हिरेन कामोद ने तर्क दिया कि दशकों के करियर में अभिनेता ने एक बड़ी साख (Goodwill) बनाई है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि:
अज्ञात लोग उनके नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल चला रहे हैं।
उनकी क्लिप्स का उपयोग करके कैरिकेचर बनाए जा रहे हैं और उनके नाम-छवि वाले अनधिकृत उत्पाद (Merchandise) बेचे जा रहे हैं।
इन गतिविधियों से जनता को यह भ्रम होता है कि अभिनेता खुद इन उत्पादों या सामग्री से जुड़े हुए हैं, जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है।
यह किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का वह अधिकार है जिसके तहत वह अपनी पहचान (नाम, आवाज, चेहरा) का व्यावसायिक उपयोग नियंत्रित कर सकता है। इससे पहले अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर जैसे सितारे भी अपने 'पर्सनैलिटी राइट्स' की सुरक्षा के लिए अदालत से आदेश प्राप्त कर चुके हैं।