पीएम मोदी के लिए जागा शत्रुघ्न का प्रेम, कहा- उनमें गजब की ऊर्जा है

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 26, 2019

पटना (प्रेस विज्ञप्ति)। अभिनेता से नेता बने और पटना साहिब से कांग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा: 'उनके अंदर गजब की ऊर्जा है। इंडिया टीवी पर आज रात प्रसारित होने वाले रजत शर्मा के शो 'आप की अदालत' में सवालों का जवाब देते हुए बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ने कहा: हां, 2016 में मैंने कहा था कि मोदी डैशिंग (तेजस्वी व्यक्तिव) हैं और पिछले साल मैंने कहा था कि राहुल गांधी का व्यक्तित्व करिश्माई है। यह मेरा अंदाज-ए-बयां है।

'सबसे अच्छी बात प्रधानमंत्री मोदी जी में क्या दिखती है? उनमें गजब की ऊर्जा है। उनकी सेहत का राज हम सबको जानना चाहिए। जिस तरह से वह देशभर में भ्रमण करते हैं और जिस तरह तेज रफ्तार से वह हवाई जहाज में चढ़ जाते हैं, वह बहुत ही सराहनीय है और युवा पीढ़ी के लिए अनुकरणीय है।' इसी शो में शत्रुघ्न सिन्हा ने मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'ये वन मैन शो, टू मैन आर्मी है।' बीजेपी के पूर्व सांसद ने कहा, 'वाजपेयी-आडवाणी के समय में पार्टी में लोकशाही थी, अब उसकी जगह तानाशाही है।'

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मौजूदा लोकसभा चुनाव के परिणाम की भविष्यवाणी के बारे में पूछे जाने पर कि शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा: 'मैं ज्योतिषि नहीं हूं। ये तो आनेवाला वक्त ही बताएगा, इतना जरूर कह सकता हूं कि जो दिखाई पड़ रहा है देशभर में घूमने के बाद, उससे लगता है कि एकबार फिर विपक्ष के हाथ में सत्ता की तलवार आनेवाली है।' यह पूछे जानेपर कि उन्होंने लखनऊ से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर अपनी पत्नी पूनम सिन्हा को क्यों चुनाव मैदान में उतारा, शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा:'पूनम सिन्हा जो अखिलेश और मायावती जी के महागठबंधन की तरफ से लड़ रही हैं, उनके लड़ने का फैसला पूर्णत: हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के अन्य बड़े नेताओं की सहमति से हुआ है। यह राष्ट्रहित में था और यह स्पेशल केस है। हमने हमारे परिवार की गृह मंत्री को भारत सरकार के गृह मंत्री के खिलाफ खड़ा किया।'

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शत्रुघ्न सिन्हा ने यहा खुलासा किया कि शुरुआत में महागठबंधन के नेताओं ने उनसे आग्रह किया कि वे लखनऊ से चुनाव लड़ें। सिन्हा ने कहा: 'महागठबंधन के नेताओं ने शुरू में चाहा था कि मैं लखनऊ से भी लड़ूं, लेकिन मैं वचनबद्ध हूं पटना साहिब के अपने लोगों के प्रति। मैं जो कहता हूं, वो करता हूं। सिचुएशन चाहे कुछ भी हो, लोकेशन तो वही रहेगा.. पटना साहिब। मुझे अपने वचन की रक्षा करनी है।'

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बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता ने इस बात का भी खुलासा किया कि उन्होंने ही नरेंद्र मोदी को 'नमो' नाम दिया था। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा: 'हां, मैंने ही नमो (नरेंद्र मोदी) और सुमो (सुशील मोदी) नाम दिया था। और'पप्पू' (राहुल गांधी के लिए) नाम भी मैंने ही दिया था। 'फेंकू' (मोदी के लिए) नाम भी हमने दिया।' यह पूछे जाने पर कि उन्हें मोदी कैबिनेट में मंत्रिपद नहीं मिला इसलिए उन्होंने विद्रोह किया, सिन्हा ने कहा:'मंत्रिपद है क्या? मंत्री नहीं बनाया जाता तो क्या हो जाता? यहां लोगों से पूछिए.. पांच कैबिनेट मंत्रियों के नाम बताएं?  इनमें से कोई किसी मंत्री को जानता है, पहचानता है? सारा काम तो पीएमओ से होता है। ये वन मैन शो, टू मैन आर्मी है। यहां बाकी कोई काबिल ही नहीं है.... यदि लता मंगेशकर कहती हैं कि उनकी आवाज ही उनकी पहचान है तो हम भी कह सकते हैं कि आडवाणी जी, यशवंत सिन्हा जी के साथ रहकर हमारा व्यक्तित्व ही हमारी पहचान है।'

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शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा: 'मैंने अपनी किताब 'Anything but Khamosh' में पहले ही लिखा था कि अगर इंदिरा गांधी आज जीवित होती तो मैं कांग्रेस पार्टी में रहता और अन्य किसी पार्टी में नहीं जाता, क्योंकि आप भले ही मजाक उड़ाना चाहें.. उड़ाएं, सत्य यही है कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी और जानदार पार्टी है, सवा सौ साल से ज्यादा पुरानी। गांधी, नेहरू, पटेल, बोस, इंदिरा जी, राजीव जी.. सब कांग्रेस में रहे। देश की आजादी और देश की तरक्की में कांग्रेस के योगदान को आप भुला नहीं सकते।'

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कांग्रेस नेता ने कहा, 'मेरी बेटी सोनाक्षी का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उसने कहा कि मुझे बहुत पहले ही बीजेपी छोड़ देना चाहिए था। क्योंकि जहां सम्मान, इज्जत नहीं, वहां रहने का कोई मतलब नहीं। अच्छा हुआ.. मैं वक्त रहते निकल आया। मुझसे लोग पूछते हैं कि आडवाणी जी, जोशी जी क्यों पार्टी छोड़कर नहीं गए? मैं कहता हूं.. वे अब जाएं तो जाएं कहां, इस उम्र में? सिन्हा ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी और उन्हें बीजेपी नेतृत्व के खिलाफ बोलने के बाद आईसीसीआर (भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की संसदीय समिति से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा: 'मुझे कोई शिकायत नहीं है। मैं ये सब भूल जाना चाहता हूं।'

 

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