सिरीशा बंदला के दादाजी ने कहा- वह हमेशा आसमान में उड़ने का सपना देखती थी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 12, 2021

गुंटूर (आंध्र प्रदेश)। ‘सितारों से आगे जहां और भी है…’ भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री शिरिषा बांदला के लिए अल्लामा इकबाल की ये पंक्तियां बिल्कुल सटीक लगती हैं क्योंकि उनके सपनों में हमेशा आकाशगंगा ही रहती थीं। न्यू मैक्सिको से 34 वर्षीय एरोनॉटिकल इंजीनियर बांदला ने वर्जिन गैलेक्टिक के अंतरिक्ष यान टू यूनिटी में ब्रिटिश अरबपति रिचर्ड ब्रैनसन और चार अन्य लोगों के साथ अंतरिक्ष के छोर पर पहुंचीं। शिरिषा के दादा बांदला रागैया ने कहा, “बचपन में उसकी नजर हमेशा आसमान में रहती और वह तारों, हवाईजहाज और अंतरिक्ष की तरफ बेहद उत्सुकता से देखती रहती। उसका जुनून ऐसा था कि अंतत: वह अंतरिक्ष में गई और यह उसके लिये बेहद बड़ी उपलब्धि है।” जब वह छोटी थी तो रागैया हैदराबाद (अविभाजित आंध्र प्रदेश में) उसकी देखभाल करते थे क्योंकि उसके माता-पिता अमेरिका में बस गए थे। कुछ समय के लिये वह आंध्र प्रदेश के चिराला में अपने नाना-नानी के घर उनके साथ भी रही। रागैया ने सोमवार को फोन पर बताया, “हम बहुत खुश हैं कि उसका सपना और काफी समय की इच्छा पूरी हुई। यह एक महान उपलब्धि है और हमें उस पर गर्व है।” अंतरिक्ष में जाने वाली तेलुगु मूल की पहली महिला शिरिषा जब चार साल की थी तब अपनी बड़ी बहन प्रत्यूषा के साथ माता-पिता के साथ रहने अमेरिका चली गई थी।

प्रमुख खबरें

DRI ने देश भर में कार्रवाई कर 845 किलोग्राम Drugs पकड़ी, 15 तस्कर अरेस्ट

CID पूछताछ के दौरान TMC MLA परेश राम दास की तबीयत बिगड़ी, SSKM अस्पताल में भर्ती

Islamic State साजिश मामले में NIA अदालत ने हुजैर फरहान बेग को सुनाई 6 साल की सजा

विदेशी Unicorns में भारतीय संस्थापकों का मूल्य 560 अरब डॉलर पहुंचा: Prosus सूचकांक