Sheikh Hasina दिसंबर में Bangladesh लौटेंगी, कहा- गिरफ्तारी या मौत का डर नहीं

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 06, 2026

नयी दिल्ली, पांच अगस्त बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को घोषणा कि वह देश को ‘‘सही राह’’ पर लाने के वास्ते दिसंबर में स्वदेश लौटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और इसके लिए गिरफ्तारी या मौत की सजा के जोखिम का सामना करने को भी तैयार हैं। हसीना ने यह बात भारत आने के बाद पहली बार डिजिटल तरीके से आयोजित प्रेसवार्ता में कही। वह पांच अगस्त, 2024 को ढाका छोड़कर भारत आई थीं।

मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी।’’ अवामी लीग की नेता हसीना ने भारत की सराहना करते हुए कहा कि वह हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत हमेशा से बांग्लादेश का घनिष्ठ मित्र रहा है।’’ उन्होंने अपने संबोधन में अपने देश के राजनीतिक माहौल, उनके लोगों के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कहा, ‘‘मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और समृद्धि के रास्ते पर वापस लाने के लिए है।’’ ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब’ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘चाहे मेरी किस्मत में कुछ भी लिखा हो, मैं अपने लोगों के बीच रहने के लिए बांग्लादेश लौटूंगी। जब मेरे प्यारे देशवासी तकलीफ़ में हों, तो मैं उनसे दूर नहीं रह सकती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हिरासत में लिया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है, मुझ पर झूठे मामले थोपे जा सकते हैं, लेकिन डर लोगों के प्रति मेरे कर्तव्य को तय नहीं कर सकता।

मेरी ज़िंदगी निजी सुरक्षा के हिसाब-किताब से कहीं ऊपर है।’’ पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी वापसी पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सरकार के साथ किसी भी तरह की पर्दे के पीछे की बातचीत की संभावना को भी खारिज किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने भविष्य की चिंता नहीं है। मुझे बांग्लादेश के भविष्य की चिंता है।

मैं लौटना चाहती हूं क्योंकि वहां के लोग सुरक्षा, विकास, समृद्धि और शांति के हकदार हैं।’’ पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही उन्हें अपने देश से ‘‘दूर जाने के लिए मजबूर’’ किया गया, लेकिन वह वहां के लोगों से ‘‘कभी अलग नहीं हुईं।’’ हसीना (78) ढाका छोड़ने के बाद से भारत में रह रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने जाने का फैसला कर लिया है और मैं बांग्लादेश जाऊंगी।’’ पिछले साल नवंबर में ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने 2024 के छात्रों के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान हसीना की सरकार की कार्रवाई को लेकर ‘‘मानवता के खिलाफ अपराधों’’ के मामले में हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद से ढाका नयी दिल्ली से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।

हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा, ‘‘भय घरों, कार्यस्थलों और शैक्षणिक परिसरों तक पहुंच गया है। यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसे हमने बनाया था।

मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बांग्लादेश के लोगों के लोकतंत्र और न्याय के संघर्ष में उनके साथ खड़े होने का आह्वान करती हूं।’’ हसीना ने आरोप लगाया कि जुलाई और अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शन कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं थे, जिनके बाद उनकी सरकार सत्ता से हट गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित समूहों ने इस आंदोलन को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदलने का काम किया। हसीना के बेटे सजीब वाजिद जॉय ने आरोप लगाया कि अगस्त 2024 से बांग्लादेश में राजनीतिक हत्याओं को वैध बना दिया गया है।

उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश एक विफल राष्ट्र है और देश में कानून-व्यवस्था नहीं है। जॉय ने आरोप लगाया कि नयी दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि भारत की पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश एक और पाकिस्तान बन गया है।

प्रमुख खबरें

European Football Round-Up | Atletico Madrid ने Real Madrid को डर्बी में हराया, Manchester City ने गोलों की बारिश के साथ दर्ज की रोमांचक जीत

उत्तर-पूर्वी Sudan में सोने की खदान ढहने से 11 मजदूरों की मौत, 30 घायल

Tech Mahakumbh! लखनऊ बनेगा ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब, एआई, साइबर फॉरेंसिक और डेटा सुरक्षा पर जुटेंगे दुनिया भर के 1200 नीति-निर्माता व विशेषज्ञ

Asian Games में Indian Women Table Tennis Team का दबदबा, पाकिस्तान को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई