By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
ढाका, तीन अगस्त बांग्लादेश ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बुधवार को नयी दिल्ली में प्रस्तावित संवाददाता सम्मेलन को लेकर भारत से उसका रुख स्पष्ट करने को कहा है। यह संवाददाता सम्मेलन पांच अगस्त को हसीना सरकार के पतन के दो साल पूरे होने के मौके पर होना है। बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम ने सोमवार को ढाका में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि भारतीय क्षेत्र से हसीना की सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियों का दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
शमा ने कहा कि “भारत में रह रहे भगोड़े, जो बांग्लादेश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं”, उनकी राजनीतिक गतिविधियों से दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ढाका ने लगातार दोहराया है कि “भगोड़ों या दोषी ठहराए गए लोगों” को बांग्लादेश में अस्थिरता फैलाने के मकसद से राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने के लिए भारतीय जमीन के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। शमा ने कहा, “हम चाहते हैं कि भारत के साथ हमारे संबंध बेहतर हों।
मेरा मानना है कि भारत भी यही चाहता है।” उधर, सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि भारत की जमीन से हसीना का प्रस्तावित सार्वजनिक संबोधन “द्विपक्षीय संबंधों में आई सकारात्मक गति” को कमजोर कर सकता है। खबर में कहा गया है कि कबीर ने यह बात तब कही, जब बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सोमवार को उनसे शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने बांग्लादेश-भारत संबंधों के विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया और आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की।
ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बातचीत आपसी हित और आपसी फायदे के आधार पर दोनों पड़ोसी देशों के बीच लोगों पर केंद्रित सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी।” गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने सोमवार को कहा कि सरकार ने देशभर में लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच अगस्त से पहले कानून लागू करने वाली और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है।