By अंकित सिंह | Jul 21, 2019
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का पार्थिव शरीर कांग्रेस दफ्तर में रखा गया है। इसके बाद उन्हें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय ले जाया जाएगा। शीला दीक्षित के चाहने वाले उनके यहां अतिम दर्शन कर सकेंगे। शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार दोपहर 2.30 बजे निगम बोध घाट पर किया जाएगा। आज भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि दिल्ली की लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहीं और राष्ट्रीय राजधानी को आधुनिक शहर का स्वरूप देने वालों में शामिल शीला दीक्षित का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 81 साल की थीं। फोर्टिस-एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में अपराह्न तीन बजकर 55 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
इसे भी पढ़ें: शीला दीक्षित के बाद दिल्ली कांग्रेस के सामने नया नेता तलाशने की चुनौती
शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। दीक्षित पहली बार साल 1984 में उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद चुनी गईं। बाद में वह दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हुईं। शीला के पुत्र संदीप दीक्षित भी राजनीति में हैं। वह पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से 2004 से 2014 बीच दो बार सांसद रहे हैं। शीला दीक्षित ने हाल में उत्तर पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन वह जीत नहीं पायी थीं। दिल्ली विधानसभा में उन्होंने नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।