By अभिनय आकाश | Sep 03, 2026
शिवसेना के नाम और 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न पर अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान एकनाथ शिंदे गुट ने बुधवार को दावा किया कि पार्टी संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने संगठन में सत्ता के केंद्रीकरण को रोकने और उसे अधिक लोकतांत्रिक बनाने के लिए एक ढांचा तैयार किया था, लेकिन उद्धव ठाकरे ने 2018 में पार्टी संविधान में संशोधन कर इस व्यवस्था को काफी हद तक बदल दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अबेंच के सामने शिंदे गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने दलीलें रखीं। शिंदे गुट के वकील ने कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष था और इसी वजह से उनके गुट ने दावा किया कि वह मूल शिवसेना है।