By अभिनय आकाश | Oct 17, 2026
शिवसेना नेता शायना एनसी ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए उस पत्र का स्वागत किया, जिसमें परिसीमन प्रस्तावों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की गई है। साथ ही, उन्होंने विपक्ष से संसदीय कार्यवाही में रचनात्मक रूप से भाग लेने का आग्रह किया। खड़गे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए शायना एनसी ने कहा कि यह अच्छी बात है कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ उनसे मिलने की इच्छा जताई है। लेकिन सच तो यह है कि जब संसद सत्र चल रहा होता है और मल्लिकार्जुन खड़गे को संसद के भीतर बैठकर चर्चा और बहस करनी चाहिए, तब वे वहां मौजूद नहीं होते, बल्कि संसद के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे होते हैं।" उन्होंने विपक्ष के नेताओं से संसदीय कार्यवाही में सकारात्मक रूप से हिस्सा लेने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा व बहस में शामिल होने का आग्रह किया।
सभी राजनीतिक दलों को आपस में, एक-दूसरे के साथ और अन्य सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।" उन्होंने बिना उचित परामर्श के संसद में संवैधानिक संशोधनों को जबरन पारित कराने के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा, "कृपया एक बार फिर किसी बड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक को संसद में जबरन पारित कराने की कोशिश न करें, जैसा कि आपने पहले भी किया था और जिसका वही हश्र हुआ, जिसका वह हकदार था।" कांग्रेस ने मानसून सत्र की स्थिति पर स्पष्टता मांगी है और मांग की है कि संसद में कोई भी नया कानून लाने से पहले राजनीतिक दलों और क्षेत्रीय हितधारकों को प्रस्तावित बदलावों की जांच करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। ( खड़गे के पत्र पर शायना एनसी ने कहा कि विपक्ष को संसद में सकारात्मक रूप से भाग लेना चाहिए।