By अंकित सिंह | Oct 08, 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन से AAP और DMK के दूर रहने पर, शिवसेना (UBT) ने गुरुवार को इन दोनों पार्टियों से कांग्रेस के साथ अपने मतभेद भुलाकर तानाशाही के खिलाफ लड़ने की अपील की। शिवसेना (UBT) के मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में पार्टी ने कहा कि पूरा देश 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देख रहा है। पार्टी ने कहा कि लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) इससे दूर रहे हैं।
सेना (UBT) ने कहा कि भले ही पंजाब विधानसभा चुनाव, जहाँ दोनों पार्टियाँ मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं, विवाद का विषय हो सकते हैं, फिर भी केजरीवाल को मोदी और शाह के खिलाफ लड़ाई में शामिल होना चाहिए। संपादकीय में कहा गया है कि तमिलनाडु में DMK हार गई और कांग्रेस की मदद से सी. जोसेफ विजय की TVK सत्ता में आई। इससे DMK नाराज हो गई। संपादकीय में आगे कहा गया, लेकिन DMK का यह रुख देशहित में नहीं है।
सेना (UBT) ने नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (BJD) के रुख की सराहना की, जिसने CEC के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। बुधवार को CEC के खिलाफ विपक्ष का विरोध और तेज हो गया। राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें और कई सांसदों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान विरोध-प्रदर्शन के दौरान काफी गहमागहमी देखने को मिली।