शिवराज जी किसान ऋणमाफी पर बहस के लिए किसी भी मंच पर आए कांग्रेस तैयार है- जीतू पटवारी

By दिनेश शुक्ल | Jul 11, 2020

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसान कर्ममाफी पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से पूछे जा रहे सवालों को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सर्वजनिक मंच पर आकर कृषि ऋणमाफी योजना को लेकर चर्चा करने की चुनौति दी है। जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री भ्रम फैलाना बंद करे। 

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जीतू पटवारी ने सीधे तौर पर शिवराज सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों पर गोलियां चलवाने वाले किसानों के हितों की रक्षा कैसे कर सकते है। शिवराज जी तो पिछले चार माह से बस अपनी कुर्सी बचाने में लगे है, कुर्सी बचाने के आलावा आपने कुछ नहीं किया। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल पूछा कि आपने पिछली सरकार में 21 हजार घोषणाएं की थी, वह कब पूरी हो रही है। जीतू पटवारी ने कहा कि आपकी सरकार ने किसानों के बच्चों पर मुकदमें लगवाए और किसानों पर गोलियाँ चलवाई है आप कैसे उनके ऋण माफ करोगें और आप पूर्व मुख्यमंत्री से सवाल पूछते है हिम्मत है तो किसी भी मंच पर कांग्रेस तर्क संगत चर्चा करने को तैयार है। 

कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए कहा कि मिस्टर विभीषण अब कहा है जो अतिथि विद्वानों और अतिथि शिक्षकों के लिए सड़क पर उतरने की बात करते थे। मिस्टर विभीषण आप कहते थे कि किसान ऋण माफ नहीं होगा तो मैं सड़क पर आऊंगा आप अब कब सड़क पर आओगे। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने अतिथि विद्वानों और अतिथि शिक्षकों के लिए न्याय संगत व्यवस्था बना कर दी थी इस विभाग का मंत्री मैं था मैंने चॉइस फीलिंग और नए पद सृजन किए थे केवल आमंत्रण पत्र देना रह गए थे। जिसे चार महिने से ये सरकार नहीं दे पायी है। यह उनके साथ अन्याय है। जीतू पटवारी ने कहा कि मैं माँग करता हूँ कि शिवराज सरकार पिछले चार माह से लॉक डाउन के दौरान का अतिथि विद्वानों और अतिथि शिक्षकों को उनका पूरा वेतन दे।

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उन्होनें कहा कि मिस्टर विभीषण सिर्फ मलाई खाना चाहते है जो कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में संभव नहीं थी। यहाँ उनकी दाल नहीं गली इसलिए उन्होनें सरकार गिराई। अब पिछले चार माह से प्रदेश कानून व्यवस्था, आत्महत्या, बेरोजगारी, किसान कर्जमाफी और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है। लेकिन शिवराज जी को अपनी कुर्सी की चिंता है जिसे वह बचाने में लगे है। इनके खाने के दांत और दिखाने के और है। विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार चलाने के लिए बजट आ रहा है लेकिन उनके पास कोई वित्तमंत्री नहीं है। यह आउटसोर्स की सरकार कब तक चलेगी। 

जीतू पटवारी ने कहा शिवराज जी किसान ऋणमाफी करो नहीं तो इस्तीफा दो, विभागों का बंटवारा करो अन्यथा इस्तीफा दो, अतिथि विद्वानों के लिए नियमितिकरण और उनका आमंत्रण पत्र तो अन्यथा इस्तीफा दो, कानून व्यवस्था सही करो अन्यथा इस्तीफा दो, अधिकारी राज पर लगाम लगाओ अन्यथा इस्तीफा दो। उन्होनें कहा कि कमलनाथ आ रहे है, शिवराज जा रहे है।

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