By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 20, 2020
उन्होंने कहा, “उद्धव ठाकरे हमेशा अयोध्या जाते हैं। वह तब भी अयोध्या गए थे जब वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नहीं थे, वह मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वहां गए थे।” राज्यसभा सदस्य ने कहा, “शिवसेना और अयोध्या के संबंध अटूट हैं। यह राजनीतिक संबंध नहीं है। हम राजनीति के लिए अयोध्या नहीं जाते हैं और न ही पूर्व में राजनीति के लिए कभी वहां गए हैं।” उन्होंने कहा, “कुछ हद तक, शिवसेना ने ही राम मंदिर का रास्ता बनाया। शिवसेना ने भगवान राम जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण की प्रमुख बाधाओं को दूर किया। वह राजनीति के लिए नहीं था। बल्कि शिवसैनिकों ने आस्था एवं हिंदुत्व के लिए बलिदान दिया। और हमारा रिश्ता अटूट है।” राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट) के आमंत्रण पर अयोध्या का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि समारोह के लिए कितने लोगों को आमंत्रित किया जाएगा और सामाजिक दूरी संबंधी क्या कदम उठाए जाएंगे।