By अभिनय आकाश | Jun 17, 2023
जर्मनी के पैंको में एक जिला अदालत ने 28 महीने की भारतीय लड़की अरिहा शाह को उसके जैविक माता-पिता को सौंपने से इनकार कर दिया और 13 जून को दो अलग-अलग फैसलों में उसे जर्मन किशोर सेवा जुगेंडमट को सौंप दिया। अदालत ने धारा और भावेश शाह के अनुरोध को खारिज कर दिया कि बच्चे को सीधे उनके पास लौटा दिया जाए या कम से कम, किसी तीसरे पक्ष, भारतीय कल्याण सेवाओं को दिया जाए।
बता दें कि दरअसल, जर्मनी की चाइल्ड सर्विसेज ने 2 साल की बच्ची को इस संदेह में दूर ले गई कि माता-पिता द्वारा उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा है। लेकिन फरवरी 2022 तक आपराधिक आरोप हटा दिए जाने के बावजूद, वह अपने माता-पिता के साथ फिर से नहीं रह पा रही है। परिजन का आरोप है कि बच्ची को बर्लिन में 20 महीने से जिस सेंटर में रखा गया था। अब उसे वहां से उठाकर मंदबुद्धि सेंटर में भेज दिया गया है। बच्ची की मानसिक हालत खराब बताकर व्यवहार किया जा रहा है।