चौंकाने वाला रहा पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को मंत्री बनाया जाना

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 30, 2019

नयी दिल्ली। नरेंद्र मोदी मंत्रिपरिषद में पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को शामिल किया जाना चौंकाने वाला रहा। अनुभवी राजनयिक जयशंकर चीन और अमेरिका के साथ बातचीत में भारत के प्रतिनिधि थे। देश के प्रमुख सामरिक विश्लेषकों में से एक दिवंगत के . सुब्रमण्यम के पुत्र जयशंकर ऐतिहासिक भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के लिए बातचीत करने वाली भारतीय टीम के एक प्रमुख सदस्य थे। इस समझौते के लिए 2005 में शुरूआत हुयी थी और 2007 में मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली संप्रग सरकार ने इस पर हस्ताक्षर किए थे।

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64- वर्षीय जयशंकर जनवरी 2015 से जनवरी 2018 तक विदेश सचिव थे। पिछले साल सेवानिवृत्त होने के तीन महीने के भीतर टाटा समूह ने उन्हेंवैश्विक कॉर्पोरेट मामलों के लिए अपना अध्यक्ष नियुक्त किया था। सेंट स्टीफन कॉलेज से स्नातक जयशंकर ने राजनीति विज्ञान में एमए और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एमफिल और पीएचडी की उपाधि हासिल की है। जयशंकर की शादी क्योको जयशंकर से हुई है और उनके दो पुत्र और एक पुत्री हैं। जयशंकर को 2019 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

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