By नीरज कुमार दुबे | Jul 08, 2026
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों के आतंकवाद विरोधी अभियान में आज लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकवादी मारा गया। मारे गए आतंकवादी की पहचान कुलगाम निवासी जाकिर गनई के रूप में हुई है। सुरक्षाबलों के अनुसार वह वर्ष 2024 में लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ था और सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में उसे ए प्लस प्लस प्लस श्रेणी का आतंकवादी माना गया था। बताया जा रहा है कि यह अभियान अभी भी जारी है और पूरे क्षेत्र की गहन तलाशी ली जा रही है ताकि किसी अन्य आतंकवादी के छिपे होने की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
हम आपको बता दें कि ताजा अभियान तीन जुलाई को शोपियां जिले के मीमंदर क्षेत्र के सैदपोरा गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी संबंधी विशेष खुफिया सूचना मिलने के बाद शुरू किया गया था। मीमंदर का यह घना बाग क्षेत्र सात गांवों में फैला हुआ है। गर्मियों के मौसम में घने पेड़ पौधों के कारण यह इलाका आतंकवादियों को स्वाभाविक आड़ देता है, जिससे निगरानी और घेराबंदी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। इसी कारण अभियान लगातार कई दिनों तक चला और बुधवार को इसके पांचवें दिन महत्वपूर्ण सफलता मिली।
अधिकारियों के अनुसार बुधवार सुबह मुठभेड़ स्थल से एक बार फिर गोलीबारी की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद क्षेत्र से जाकिर गनई का शव बरामद किया गया। मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि अभियान समाप्त होने और क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद अन्य परिचालन संबंधी जानकारियां साझा की जाएंगी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अभियान की सफलता की पुष्टि करते हुए बताया कि शोपियां के विशेष अभियान दल ने सेना की राष्ट्रीय राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के साथ संयुक्त अभियान चलाकर लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को मार गिराया। पुलिस ने कहा कि सुरक्षाबलों का अभियान पूरी मजबूती से जारी है और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर चलेगी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘तुम सिर्फ कुछ दूर तक भाग सकते हो लेकिन हमारी नजरों से छिप नहीं सकते। राष्ट्रीय राइफस (आरआर) और सीआरपीएफ के साथ एक संयुक्त अभियान में शोपियां के विशेष अभियान समूह ने लश्कर के एक आतंकवादी को ढेर कर दिया।''
हम आपको बता दें कि अभियान के शुरुआती चरण में निगरानी कैमरों में दो आतंकवादियों की गतिविधियां दर्ज हुई थीं। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सात गांवों में फैले पूरे बाग क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। घिरे हुए आतंकवादियों की पहचान लतीफ और जाकिर के रूप में की गई थी। अधिकारियों के अनुसार जब सेना के जवान उनकी ओर बढ़े तो दोनों आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई।
आतंकवाद विरोधी अभियानों में विशेषज्ञ सेना की विक्टर बल इकाई ने भी अतिरिक्त जवानों को तैनात कर घने बाग क्षेत्र से निकलने वाले सभी संभावित रास्तों को बंद कर दिया। साथ ही पूरे इलाके में प्रकाश की व्यवस्था कर आतंकवादियों के भागने की सभी संभावनाओं को समाप्त करने का प्रयास किया गया। शोपियां को दक्षिण कश्मीर, मध्य कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। इसी कारण यह इलाका आतंकवादियों की आवाजाही के लिए भी संवेदनशील रहा है। सुरक्षाबलों का कहना है कि पूरे क्षेत्र की तलाशी और सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा।
हम आपको यह भी बता दें कि एनआईए ने पहलगाम आतंकवादी हमले के मामले में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद तथा उसके सहयोगी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट के खिलाफ अनुपूरक आरोप पत्र भी दाखिल किया है। जांच अभिकरण के अनुसार आरोप पत्र में पाकिस्तान से रची गई साजिश, हाफिज सईद की भूमिका तथा वैज्ञानिक जांच और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। अभिकरण ने कहा कि मामले की जांच अभी भी जारी है ताकि सीमा पार से संचालित पूरे आतंकवादी षड्यंत्र का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।