By अंकित सिंह | Nov 28, 2024
संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के बीच राज्यसभा की कार्यवाही के लगातार स्थगित होने के बाद, उच्च सदन के सभापति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को हंगामा करने और "सार्थक बातचीत का अवसर" चूकने पर सांसदों को समझाया। विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सांसदों के हंगामे के बाद गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। शुक्रवार को सुबह 11 बजे सदन की बैठक दोबारा होगी। शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन के अंदर हुए हंगामे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जगदीप धनखड़ ने कहा कि सदन उस रचनात्मक भागीदारी से चूक गया जो लोगों की सामूहिक आकांक्षा को प्रतिध्वनित करती।
उन्होंने सांसदों से राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए अर्थ संवाद में शामिल होने का भी आग्रह किया। उन्होंने आगे कहा कि माननीय सदस्यों, जब हम इस प्रकार के आचरण में संलग्न होते हैं, तो हम संवैधानिक नियमों से भटक जाते हैं। हम अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ते हैं। राष्ट्रवाद को पोषित करना हमारा कर्तव्य है।' मैं आप सभी से सार्थक संवाद की भावना को अपनाने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा कि हमें संविधान की भावना का अपमान नहीं करना चाहिए।
इसके तत्काल बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने नोटिस खारिज किए जाने के बाद व्यवस्था का प्रश्न उठाया और अदाणी मुद्दे पर चर्चा की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मुद्दा है और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। सभापति धनखड़ ने तिवारी से कहा कि उनकी कोई भी बात रिकार्ड में नहीं जाएगी। प्रमोद तिवारी ने चेयरमैन की ओर इशारा करते हुए कहा कि सर आपके बिना तो पत्ता भी नहीं हिल सकता है। इस पर जगदीप धनखड़ ने टोकते हुए कहा कि यह बात आप जयराम रमेश जी को भी बताइए। वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। मैं वह सहमति देने के लिए तत्पर हूं। मगर कुछ नियम हैं।