Varalakshmi Vrat 2026: वरलक्ष्मी व्रत पर बरसेगी मां की असीम कृपा, जानें Importance और कलश स्थापना के नियम

By अनन्या मिश्रा | Aug 28, 2026

आज यानी की 28 अगस्त 2026 को वरलक्ष्मी व्रत रखा जा रहा है। यह मां लक्ष्मी के स्वरूप वरलक्ष्मी को समर्पित विशेष व्रत है। मुख्य रूप में विवाहित महिलाएं वरलक्ष्मी व्रत पति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। हालांकि पहली बार यह व्रत करने वाली महिलाओं को पूजा विधि और नियमों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। तो आइए जानते हैं वरलक्ष्मी व्रत की तिथि, मुहू्र्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में...

व्रत रखने के नियम

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थान को अच्छे से साफ करके वहां चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। फिर मां वरलक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करें। वहीं कई जगह पर कलश स्थापना की परंपरा है। कलश में जल भरकर इसके ऊपर आम के पत्ते या नारियल रखें। फिर पूजा के समय मां को फल, फूल, मिठाई, कुमकुम, हल्दी और अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित करें। अब वरलक्ष्मी का ध्यान करें और परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें। व्रत के दौरान मन, कर्म और वचनों में शुद्धता बनाए रखें।

महत्व

बता दें कि वरलक्ष्मी को महालक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि वर और लक्ष्मी के मेल से बना वरलक्ष्मी सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाली देवी का प्रतीक है। इस व्रत को करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से आर्थिक समस्याओं से निजात मिलती है और घर-परिवार का कल्याण होता है। वहीं कई महिलाएं संतान सुख और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से भी यह व्रत करती हैं।

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