अपने पुराने घर राजद में लौटे श्याम रजक, नीतीश कुमार पर साधा निशाना

By अंकित सिंह | Aug 17, 2020

बिहार में चुनावी हलचल तेज हो गई है। इस हलचल के दौरान नेताओं का पाला बदलना भी लगातार जारी है। एक ओर जहां आरजेडी ने अपने तीन विधायकों को पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निष्कासित कर दिया तो वहीं नीतीश सरकार में मंत्री रहे श्याम रजक ने जदयू का दामन छोड़ आरजेडी में शामिल हो गए हैं। आने वाले दिनों में नेताओं का दल बदलना लगातार जारी रह सकता है। नीतीश कुमार के कैबिनेट में बतौर उद्योग मंत्री शामिल श्याम रजक पिछले कुछ दिनों से नाराज बताए जा रहे थे। यह माना जा रहा था कि वह अपने पुराने पार्टी राजद से संपर्क में है। जनता दल यू ने उन्हें मनाने की भी कोशिश की लेकिन यह नहीं हो पाया। यह माना जा रहा था कि श्याम रजक सोमवार को मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। लेकिन इससे पहले ही जनता दल यू ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया और साथ ही साथ नीतीश कुमार ने भी अपने मंत्रिमंडल से भी उन्हें निष्कासित कर दिया। अपने निष्कासन पर श्याम रजक ने कहा कि जनता दल यू में लगभग 99% लोग बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नाराज हैं। लेकिन वह निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार के साथ रहकर 10 साल बर्बाद कर दिया। अब मैं सामाजिक न्याय की लड़ाई लडूंगा। सोमवार को श्याम रजक अपने पुराने पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी में शामिल किया। इस मौके पर तेजस्वी ने कहा कि श्याम रजक अपने पुराने और असली घर में आ गए हैं इसकी हम सभी को खुशी है। एक बात स्पष्ट है कि जनता दल यूनाइटेड हो या डबल इंजन की सरकार हो, जिस प्रकार से सरकार चल रही है उसमें जनप्रतिनिधियों का कोई महत्व और सम्मान नहीं रह गया है।

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श्याम रजक 2009 में जनता दल यू में शामिल हुए थे लेकिन उपचुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा। 2010 में विधायक बनने के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया। 2017 में श्याम रजक का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसके बाद से उन्हें पार्टी में दरकिनार किया जाने लगा। श्याम रजक ने कहा था कि लालू प्रसाद यादव को अपने परिवार की और नीतीश कुमार को अपनी कुर्सी की फिक्र है। लेकिन इतना तय है कि इस चुनाव में जनता दल यू श्याम रजक को दरकिनार करने की पूरी रणनीति बना चुकी थी। श्याम रजक महादलित कैटेगरी से आते हैं। फुलवारीशरीफ सीट पर रजक समाज का अच्छा खासा वोट प्रतिशत है। इसके अलावा यहां मुस्लिमों की भी अच्छी खासी आबादी है। यहां की राजनीति DM यानी कि दलित और मुस्लिम समाज पर टिकी हुई है और यही यहां वोट बैंक हैं। अब देखना होगा जब श्याम रजक अपने पुराने पार्टी में लौट आए हैं तो उन्हें अब वहां कितना सम्मान मिल पाता है? उनके जाने से जनता दल यू को कितना नुकसान होता है और आने वाले विधानसभा चुनाव में क्या श्याम रजक फुलवारीशरीफ सीट निकाल पाते हैं या नहीं?

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