By दिव्यांशी भदौरिया | Jan 16, 2026
आमतौर पर महिलाओं में होने वाला सर्वाइकल कैंसर एक मुख्य कैंसर है। इसके बाद महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर अधिक देखने को मिलता है। इसके बचाव के लिए वैक्सीन भी मौजूद है, लेकिन सही जानकारी न होने के कारण हर साल कई महिलाएं इसकी वजह से अपनी जान गंवा देती हैं। सर्वाइकल कैंसर की सबसे खतरनाक बात यह है कि शुरुआती दौर में बिना शोर किए, चुपचाप शरीर में पनपता है। इस कैंसर इलाज संभव है क्योंकि इसकी वैक्सीन मौजूद है। टीकाकारण, समय पर स्क्रीनिंग और शुरूआती लक्षणों की पहचान से इसे आसानी से रोका और ठीक किया जा सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर सर्वाइकल कैंसर की पहचान शुरुआती अवस्था में हो जाए, तो इसका पूरी तरह इलाज संभव है। लेकिन दिक्कत यह है कि शुरुआती लक्षण अक्सर इतने सामान्य होते हैं कि महिलाएं उन्हें पहचान नहीं पातीं या अनदेखा कर देती हैं। खासतौर पर 30 से 35 वर्ष की उम्र की महिलाओं में इसका जोखिम अधिक देखा जाता है। इसलिए जरूरी है कि इसके छिपे हुए संकेतों को समय रहते समझा जाए। आइए जानें सर्वाइकल कैंसर के ऐसे साइलेंट संकेतों के बारे में, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
30 की उम्र में सर्वाइकल कैंसर के साइलेंट लक्षण
- पीरियड्स के बीच या सेक्शुअल रिलेशन के बाद ब्लीडिंग
- बदबूदार या असमान्य वजाइनल डिस्चार्ज
- पेल्विक या लोअर बैक में लगातार दर्द
- इंटरकोर्स में बहुत अधिक दर्द
- बार-बार थकान और कमजोरी महसूस होना है
- वजन घटना
- पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होना
- बार-बार यूरिन आना
- अचानक से भूख न लगना
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए इन बातों पर दें ध्यान
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, यदि इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से बात जरुर करें। सर्वाइकल कैंसर कई प्रकार के एचपीवी वायरस से कारण होता है। ऐसे में इससे बचने के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी है। ये लक्षण सर्वाइकल कैंसर के ही हों, ऐसा जरुरी नहीं है, हालांकि आप डॉक्टर की राय जरुर लें। इसके अलावा, पैप स्मीयर (Pap Smear) या HPV टेस्ट के बारे में भी डॉक्टर से सलाह लें। इस बात का ध्यान रखें कि समय पर जांच और सही इलाज से इस कैंसर को ठीक किया जा सकता है।