By अभिनय आकाश | Jun 23, 2026
अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़े विवाद का फोकस अब मंदिर के कामकाज की जांच और प्रशासनिक देखरेख पर आ गया है। ताज़ा घटनाक्रम में, अयोध्या के ज़िला मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी को मंदिर से जुड़े कामों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि अधिकारी मंदिर को मिले दान से जुड़े आरोपों की जांच कर रहे हैं। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी है। यह रिपोर्ट लखनऊ के डिविज़नल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी। अधिकारियों ने साफ़ किया है कि जांच अभी जारी है और और सबूत जुटाए जा रहे हैं।
याचिका में राज्य-स्तर पर चल रही SIT जांच के दायरे पर भी सवाल उठाए गए हैं और कहा गया है कि यह जांच बिना किसी औपचारिक FIR के दर्ज किए ही शुरू हो गई थी। याचिका के अनुसार, तथ्यों का पता लगाने और यह तय करने के लिए कि क्या कोई गड़बड़ी हुई है, एक स्वतंत्र जांच ज़रूरी हो सकती है। फिलहाल, मुख्य अपडेट यह है कि SIT की शुरुआती रिपोर्ट राज्य सरकार को मिल गई है, जांच जारी है, और खबरों के मुताबिक प्रशासनिक ज़िम्मेदारी ज़िला मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी को सौंप दी गई है, जबकि ट्रस्ट के फाइनेंशियल मैनेजमेंट की जांच और तेज़ हो गई है।