जंतर-मंतर से दूर होते प्रतिरोध के ठिकाने

By महेन्द्र तिवारी | Oct 13, 2026

लोकतंत्र की जीवंतता केवल इस बात से तय नहीं होती कि संसद के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कितनी सार्थक बहस होती है, बल्कि इसकी असली कसौटी यह है कि संसद के बाहर सड़कों पर आम नागरिक की आवाज को कितनी गंभीरता और सहजता से सुना जाता है। देश की राजधानी नई दिल्ली के हृदय स्थल में स्थित जंतर मंतर पिछले 33 वर्षों से इसी लोकतांत्रिक चेतना, जन आक्रोश और नागरिक उम्मीदों का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। किंतु अब केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए जंतर मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है। 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्थायी आदेश में संशोधन करते हुए अब राजधानी में धरना और प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं, जिनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा स्थित व्यावसायिक केंद्र मैदान शामिल हैं। प्रशासन के इस एक निर्णय ने तीन दशकों से चली आ रही प्रतिरोध की एक पूरी परंपरा को विराम दे दिया है और साथ ही लोकतांत्रिक अधिकारों तथा प्रशासनिक व्यवस्था के बीच के द्वंद्व पर एक नई बहस छेड़ दी है।

जंतर मंतर का यह परिसर केवल 18वीं सदी के खगोलीय यंत्रों का स्मारक मात्र नहीं था, बल्कि यह आधुनिक भारत के सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों की सबसे बड़ी प्रयोगशाला बन चुका था। वर्ष 1993 से लेकर 2026 तक के अपने 33 वर्षों के सफर में इस छोटे से मार्ग ने अनगिनत ऐतिहासिक बदलावों की नींव रखी। चाहे वर्ष 2011 का भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल आंदोलन हो, वर्ष 2012 में निर्भया कांड के बाद उमड़ा युवाओं का स्वतःस्फूर्त जनसैलाब हो, वर्ष 2015 में पूर्व सैनिकों का वन रैंक वन पेंशन आंदोलन हो या फिर वर्ष 2023 में महिला पहलवानों का लंबा संघर्ष, जंतर मंतर ने हर वर्ग की पीड़ा को राष्ट्रीय पटल पर रखने का मंच प्रदान किया। देश के सुदूर कोनों से आने वाले किसानों, मजदूरों, छात्रों, शिक्षकों और वंचित वर्गों के लिए यह स्थान एक ऐसी उम्मीद की तरह था, जहाँ खड़े होकर वे सीधे सत्ता के शीर्ष से संवाद करने का अहसास पाते थे। संसद भवन से मात्र 1 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण यहाँ उठने वाली हर आवाज की गूंज नीति निर्माताओं के कानों तक आसानी से पहुँच जाती थी।

- महेन्द्र तिवारी

प्रमुख खबरें

Bareilly में Samajwadi Party पर बरसे CM Yogi, माफिया के खात्मे पर विपक्ष को होती है तकलीफ

Jan Gan Man: Ladakh पर बदजुबानी करने वाले China को India ने दिया करारा जवाब, बुरी तरह तिलमिला उठा Dragon

झूठी खबरों पर Delhi Police का एक्शन, Pakistani Handles डीएक्टिवेट और 4 FIR दर्ज

एक्टर और होस्ट शेखर सुमन बोले- शेखर टुनाइट का मकसद सरकार को निशाना बनाना नहीं, पीएम मोदी पर पूरा भरोसा