By मिताली जैन | Oct 18, 2026
अक्सर हम सभी सोचते हैं कि रसोई में सिर्फ खाना बनाना ही काफी होता है। लेकिन अगर रसोई को स्मार्टली मैनेज किया जाए तो इससे पैसों की बचत भी हो सकती है। आज जब गैस सिलेंडर के दाम इतने बढ़ते जा रहे हैं तो ऐसे में किचन में ही काफी खर्च हो जाता है। ऐसे में अगर खाना बनाने के तरीके को थोड़ा बदला जाए तो इससे गैस की खपत को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बर्तन को ढककर पकाने से लेकर सही आकार के बर्नर का इस्तेमाल करने तक, जैसे कई आसान टिप्स आपके बेहद काम आ सकते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ छोटे-छोटे टिप्स के बारे में बता रहे हैं-
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सुनने में आपको शायद अजीब लगे, लेकिन बर्तन का आकार भी गैस की बचत कर सकता है। क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि छोटे बर्तन के नीचे बड़ी लौ जल रही होती है? ऐसी स्थिति में आंच का कुछ हिस्सा बर्तन के किनारों से बाहर निकल सकता है। इससे गर्मी का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता। इसलिए, छोटे बर्तन के लिए छोटा बर्नर और बड़े बर्तन के लिए उपयुक्त बर्नर चुनें। ध्यान रखें कि लौ बर्तन के तले तक सीमित रहे और किनारों से बाहर न निकले। इससे गर्मी का बेहतर इस्तेमाल होगा।
अक्सर गैस इसलिए भी बर्बाद होती है, क्योंकि हम पहले गैस जला देते हैं और फिर प्याज काटने, मसाले निकालने या सब्जियां धोने लगते हैं। इस दौरान बर्नर जलता रहता है, जबकि खाना पक नहीं रहा होता। इसलिए, खाना बनाने से पहले सब्जियां काट लें, मसाले निकाल लें और जरूरी बर्तन पास में रख लें। दाल या चावल बनाने हैं, तो पानी और बाकी सामग्री भी तैयार रखें। इससे बेवजह गैस जलती नहीं रहेगी।
दाल, छोले, राजमा और चावल जैसी चीजें पकाने में काफी समय लग सकता है। उपयुक्त स्थिति में प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करने से खाना जल्दी पक सकता है और गैस की खपत कम करने में मदद मिल सकती है। दालों और साबुत अनाज को जरूरत के अनुसार पहले से भिगो दें। इससे पकाने का समय कम हो सकता है। कुकर में निर्धारित न्यूनतम और अधिकतम मात्रा का ध्यान रखें और प्रेशर पूरी तरह निकलने के बाद ही ढक्कन खोलें।
- मिताली जैन