CWC की बैठक के नतीजे से संतुष्ट हैं पत्र लिखने वाले कांग्रेसी नेता, बोले- हम विरोधी नहीं, नेतृत्व को कभी चुनौती नहीं दी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 25, 2020

नयी दिल्ली। कांग्रेस में सामूहिक नेतृत्व और पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल कुछ ने मंगलवार को कहा कि उन्हें विरोधी नहीं समझा जाए और उनको पार्टी नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की हंगामेदार और मैराथन बैठक के एक दिन बाद इन नेताओं ने यह भी कहा कि पत्र लिखने का मकसद कभी भी सोनिया गांधी या राहुल गांधी के नेतृत्व पर अविश्वास जताना नहीं था और अब सोनिया गांधी जो भी फैसला करेंगी, उन्हें मंजूर होगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह किसी पद के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए है जो उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यह पद के लिए नहीं है। यह मेरे देश के लिए है, जो सबसे ज्यादा महत्व रखता है।’’ 

इनके इस ट्वीट के जवाब में कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने कहा कि इस पत्र को अपराध के तौर पर देखने वालों को आज नहीं तो कल, इसका अहसास जरूर होगा कि पत्र में उठाए गए मुद्दे विचार योग्य हैं। वासनिक ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं। दूसरी तरफ, इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले एक अन्य नेता ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा, ‘‘सीडब्ल्यूसी की बैठक में जो नतीजा निकला, उससे हम संतुष्ट हैं। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले कई नेता सीडब्ल्यूसी की बैठक में मौजूद थे और सबने प्रस्ताव पर सहमति जताई। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने कभी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व पर कोई अविश्वास नहीं जताया और सोनिया जी जो भी कदम उठाएंगी , वो हमें मंजूर होगा।’’ 

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस की 'महाभारत' अभी बाकी, सिब्बल बोले- मेरे लिए पद नहीं, देश अहम 

पत्र लिखने वालों पर निशाना साधने वाले कांग्रेस नेताओं पर बरसते हुए इस नेता ने कहा, ‘‘हम पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं, किसी के खिलाफ काम नहीं कर रहे हैं। जो हम पर आरोप लगा रहे हैं वो सिर्फ चापलूसी कर रहे हैं। अगर यह जारी रहा तो पार्टी का नुकसान होगा।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या पत्र को अब सार्वजनिक रूप से जारी कर दिया जाएगा तो उन्होंने कहा, ‘‘पत्र को जारी करने का मतलब नहीं है जब इसे बैठक में रख दिया गया और उस पर चर्चा हो गई।’’ पत्र लिखने वाले कई अन्य नेताओं से भी संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

सीडब्ल्यूसी ने सोमवार को करीब सात घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद सोनिया गांधी से पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बने रहने का आग्रह किया और उन्हें जरूरी संगठनात्मक बदलाव के लिए अधिकृत किया। पार्टी के 23 नेताओं की ओर से नेतृत्व के मुद्दे पर सोनिया को लिखे गए पत्र से खड़े हुए विवाद की पृष्ठभूमि में हुई यह बैठक हंगामेदार रही और इसमें तकरीबन सभी नेताओं ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में विश्वास जताया। कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई ने नेताओं को कांग्रेस का अनुशासन एवं गरिमा बनाए रखने के लिए अपनी बातें पार्टी के मंच पर रखने की नसीहत दी और कहा कि किसी को भी पार्टी एवं इसके नेतृत्व को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसे भी देखें: Congress में एक दूसरे को निबटाने का खेल, गुलाम नबी आजाद के घर जुटे चिट्ठी लिखने वाले नेता 

प्रमुख खबरें

Prashant Kishor ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा

AISA अध्यक्ष Neha Bora ने Jantar Mantar प्रदर्शन जारी रखने का दिया संदेश

Shardiya Navratri 2026: 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, घटस्थापना और पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

Mansukh Mandaviya से मिले पैरा निशानेबाज, Asian Para Games चयन में PCI पर लगाया पक्षपात का आरोप