पाकिस्तानी उसे मार नहीं पाए लेकिन हमारी…कारगिल युद्ध लड़ने वाले बेटे की विरोध प्रदर्शनों में मौत, पिता ने उठाए सवाल

By अभिनय आकाश | Sep 29, 2025

दुख, दर्द और कांपती हुई आवाज सैनिक पिता के सैनिक बेटे के लिए निकली जो लद्दाख में हुए आंदोलन के दौरान मारा गया। बाप और बेटे दोनों ने ही एक दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए कारगिल युद्ध में लड़ाई लड़ी और अपनी सेवाएं दी। उसके बाद ये पिता असहाय महसूस कर रहा है और अपने बेटे के लिए इंसाफ मांग रहा है। लद्दाख में प्रदर्शन के दौरान जब हंगामा हुआ और बवाल मचा तो उसमें चार लोगों की मौत भी हुई। उसमें पूर्व सैनिक भी शामिल थे। उन्होंने 22 साल सेना की सेवा की। उनके पिता ने भी दशकों दशक इस देश की सेना की सेवा की। 

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पाकिस्तानी उसे मार नहीं सके, लेकिन अब वह मर चुका है

अपने बेटे के पार्थिव शरीर के पास 74 वर्षीय स्टैनज़िन नामग्याल बैठे थे, जो खुद कारगिल युद्ध के अनुभवी थे। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मेरा बेटा देशभक्त था। उसने कारगिल युद्ध लड़ा था और तीन महीने तक मोर्चे पर तैनात रहा। उसने दाह टॉप और तोलोलिंग में पाकिस्तानियों से लड़ाई लड़ी। पाकिस्तानी उसे नहीं मार सके, लेकिन हमारी अपनी सेना ने उसकी जान ले ली। नामग्याल, जो 2002 में सूबेदार मेजर और मानद कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, ने कारगिल युद्ध में भी सेवा की थी। कारगिल युद्ध के दौरान मैं और मेरा बेटा साथ लड़े थे। मैं 3 इन्फैंट्री डिवीजन में था जबकि थारचिन लद्दाख स्काउट्स में था। थारचिन ने सियाचिन में चार बार सेवा की है। मुझे अपनी सेवाओं के लिए सेनाध्यक्ष से प्रशंसा पत्र मिला है। सेना में शामिल होना हमारे खून में है।  

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