By अभिनय आकाश | Jul 13, 2026
'कॉकरोच जनता पार्टी' ने सोमवार को कहा कि शिक्षाविद और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का वज़न जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से 8.2 किलोग्राम कम हो गया है। पार्टी ने यह भी बताया कि उनका ब्लड ग्लूकोज़ लेवल गिरकर 67 mg/dL हो गया है और केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर जवाब देने की अपील की। वांगचुक के अनशन का 16वां दिन होने पर सीजेपी ने कहा कि उनकी सेहत और बिगड़ गई है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर पार्टी का विरोध प्रदर्शन सोमवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गया, जबकि विपक्षी नेताओं और छात्र समूहों का समर्थन प्रदर्शन स्थल पर जारी रहा। सीजेपी की ओर से जारी हेल्थ अपडेट के मुताबिक, वांगचुक का ब्लड प्रेशर 107/70 mm Hg रिकॉर्ड किया गया। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सरकार से अपील की कि वे इस मामले को अहंकार की लड़ाई न बनने दें। दिपके ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वांगचुक की भूख हड़ताल का 16वां दिन है। मैं सरकार से गुज़ारिश करता हूँ कि इसे अहंकार की लड़ाई न बनाए क्योंकि यहाँ इंसानी ज़िंदगी दांव पर लगी है।" उन्होंने आगे कहा, "अपनी गलती मानना कमज़ोरी की निशानी नहीं है। यह समझदारी, जवाबदेही और अपनी गलती सुधारने की इच्छा की निशानी है। हम बस जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
एक बयान में AISA ने कहा कि आतिशी ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात की और लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता जताई, क्योंकि छात्र हफ्तों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे और सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। संगठन ने यह भी कहा कि भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की सेहत और बिगड़ गई है, लेकिन साथ ही जोर देकर कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।